महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया है कि बिहार से जुड़े मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता ने आगरा की एक प्रिंटिंग प्रेस से परीक्षा का प्रश्नपत्र गायब कराया था. इस मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी सुमन गुप्ता को भी पटना से गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि वह लगातार फरार चल रहे बिजेंद्र के संपर्क में थी और उसे पुलिस कार्रवाई की जानकारी दे रही थी.

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले की जांच कर रही ठाणे पुलिस ने बिहार एसटीएफ की मदद से पटना के गांधी नगर इलाके से सुमन गुप्ता को गिरफ्तार किया.

पुलिस के मुताबिक, सुमन को ट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र ले जाया गया है. इस मामले में अब तक चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. इससे पहले 27 जून को पटना से राजीव शाह, आकाश कुमार और हरियाणा के धीरज सिंह को गिरफ्तार किया गया था.

जांच एजेंसियों का दावा है कि बिजेंद्र पिछले कई महीनों से इस साजिश की तैयारी कर रहा था. पश्चिमी बोरिंग कैनाल रोड स्थित एक फ्लैट में कई बार बैठकों का आयोजन हुआ. यहीं से पेपर लीक की पूरी योजना बनाई गई. पुलिस का आरोप है कि महाराष्ट्र टीईटी का प्रश्नपत्र आगरा की एक प्रिंटिंग प्रेस से अवैध तरीके से हासिल किया गया और फिर उसे अलग-अलग राज्यों तक पहुंचाया गया.

पुलिस के अनुसार, सुमन गुप्ता को बिजेंद्र की करोड़ों रुपये की अवैध कमाई और वित्तीय लेन-देन की पूरी जानकारी थी. जांच में यह भी सामने आया है कि पेपर लीक से हुई कमाई से पटना में आलीशान मकान खरीदा गया और बोरिंग रोड स्थित एक ब्यूटी स्टूडियो में भी लाखों रुपये का निवेश किया गया. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है.

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि 27 जून को महाराष्ट्र में हुई गिरफ्तारी के बाद सुमन ने बिजेंद्र को फोन कर पटना नहीं आने की चेतावनी दी थी. पुलिस को संदेह है कि वह लगातार उसे पुलिस की गतिविधियों की जानकारी दे रही थी. वहीं फरार बिजेंद्र की तलाश में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में लगातार छापेमारी की जा रही है.

25 साल से सक्रिय बताया जा रहा है बिजेंद्र

वहीं, जांच में सामने आया है कि बिजेंद्र गुप्ता पिछले करीब 25 वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कराने के नेटवर्क से जुड़ा रहा है. पुलिस के अनुसार उसने इस धंधे से करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई है और कई जगह फ्लैट खरीदे हैं. यह भी आरोप है कि TET प्रश्नपत्र बेचने के लिए उसने खरीदारों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की मांग की थी. उसका नाम वर्ष 2023 के ओडिशा JEE पेपर लीक मामले में भी सामने आया था. उसके खिलाफ बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में केस दर्ज बताए जा रहे हैं.