Maharashtra TET Paper Leak: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। भिवंडी पुलिस ने इस मामले में दर्ज एफआईआर (FIR) के आधार पर पांच आरोपियों के नामों का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, इस साजिश में राजीव प्रयाग शाव, आकाश कुमार स्वराज कुमार, धिरज बलराज सिंह, कपिल दहिया और बिजेंदर कुमार गुप्ता उर्फ बालेश्वर कुमार साह शामिल हैं। इनमें से कपिल दहिया फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी पटना से गिरफ्तार

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में जांच कर रही ठाणे पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस टीम ने इस पूरे खेल के मुख्य आरोपी और कई राज्यों के वांटेड बिजेंद्र कुमार गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को उम्मीद है कि सुमन कुमारी से पूछताछ के बाद इस पूरे रैकेट और इसके नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े चेहरों का पर्दाफाश हो सकेगा।

कई राज्यों का वांटेड है बिजेंदर गुप्ता

भिवंडी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपियों में से एक बिजेंदर कुमार गुप्ता बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। बिजेंदर कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है, बल्कि उस पर देश के कई राज्यों में पेपर लीक करने के गंभीर आरोप हैं। जुलाई 2023 में ही ओडिशा में उसके खिलाफ दो मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस ने बताया कि ये आरोपी पकड़े जाने से बचने के लिए अलग-अलग जगहों पर फर्जी नामों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, बिजेंदर ही इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड है या नहीं, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो पाएगी। फिलहाल भिवंडी पुलिस की टीमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।

25 साल पुरानी प्रिंटिंग प्रेस और डिस्ट्रीब्यूशन रडार पर

इस पूरे केस का सबसे अहम लिंक उत्तर प्रदेश से जुड़ रहा है। दरअसल, महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद पिछले 25 सालों से यूपी के आगरा में स्थित 'महिम पत्रम प्राइवेट लिमिटेड' नाम की कंपनी से परीक्षाओं के पेपर प्रिंट करवाती आ रही है। सुरक्षा के लिहाज से परीक्षा के लिए चार अलग-अलग क्वेश्चन पेपर सेट प्रिंट किए जाते हैं। प्रिंटिंग पूरी होने के तुरंत बाद इन्हें कड़े सुरक्षा घेरे में ट्रांसपोर्ट के जरिए सीधे अलग-अलग सेंटर्स तक पहुंचाया जाता है, जहां से इनका डिस्ट्रीब्यूशन होता है।

इस बार भी छपाई के बाद पेपर महाराष्ट्र के वाशिम, जालना और लातूर भेजे गए थे। पुलिस अब इस पूरे रूट और चेन को खंगाल रही है। हालांकि, पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि पेपर असल में प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ, ट्रांसपोर्टेशन के दौरान गायब हुआ या फिर डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर पर इसमें सेंधमारी की गई। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।