महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) सांसदों की बगावत और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर अब पूरी तरह से पूर्णविराम लग गया है. उद्धव ठाकरे द्वारा मुंबई में बुलाई गई आपातकालीन बैठक में शिवसेना (UBT) के सभी 9 लोकसभा सांसद शामिल हुए. सांसदों के गायब होने और फोन बंद होने की खबरों के बीच सभी नेताओं का बैठक में पहुंचना उद्धव गुट के लिए एक बड़ी राहत और विरोधियों के लिए करारा जवाब माना जा रहा है.

अटकलों पर लगा विराम, बैठक में पहुंचे सभी सांसद

रविवार को मुंबई स्थित उद्धव ठाकरे के आवास 'मातोश्री' पर यह बेहद अहम बैठक हुई. इससे पहले ऐसी खबरें आ रही थीं कि शिरडी से सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे समेत 3 सांसद इस बैठक से गायब हैं और उनके फोन भी बंद आ रहे हैं. अफवाहें तो यहां तक थीं कि ये सांसद पाला बदलकर शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं.

लेकिन बैठक शुरू होते ही स्थिति पूरी तरह साफ हो गई. भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय जाधव और नागेश पाटिल अष्टिकर समेत सभी 9 सांसद मातोश्री पहुंचे और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में एकजुटता दिखाई. इस बैठक में संसद के आगामी सत्र को लेकर रणनीति बनाई गई और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर चर्चा हुई.

संजय राउत का तीखा हमला- हमारे सांसद बिकाऊ नहीं

सभी सांसदों की मौजूदगी के बाद शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने विरोधियों पर जमकर भड़ास निकाली. उन्होंने बगावत की खबरों को पूरी तरह से बकवास और अफवाह बताया. संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमारे सभी 9 सांसद मातोश्री में मौजूद हैं. जो लोग हमारे सांसदों के टूटने की अफवाहें फैला रहे थे, यह बैठक उनके मुंह पर एक बड़ा तमाचा है."

राउत ने आगे कहा कि शिवसेना (UBT) के सांसद गद्दार नहीं हैं और वे किसी के दबाव या लालच में आने वाले नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि महाविकास अघाड़ी (MVA) पूरी तरह से एकजुट है और आने वाले चुनावों में वे मिलकर विरोधियों को मात देंगे. सभी सांसदों के एक साथ आने से साफ है कि उद्धव ठाकरे फिलहाल अपने कुनबे को बचाने में पूरी तरह कामयाब रहे हैं.