महाराष्ट्र के सातारा जिले में जिला परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान हुए अभूतपूर्व हंगामे और मंत्रियों के साथ धक्का-मुक्की का मामला अब तूल पकड़ चुका है. इस घटना की गूंज सोमवार को विधान परिषद में जोरदार तरीके से सुनाई दी. मामले को गंभीरता से लेते हुए विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोऱ्हे ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जिन्होंने मतदान प्रक्रिया में बाधा डाली, लोगों को ढकेलकर जख्मी किया या मतदान से वंचित किया, उन्हें निलंबित किया जाए. उन्होंने राज्य सरकार को सातारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी समेत संबंधित पुलिस अधिकारियों को तुरंत निलंबित करने के आदेश जारी किए. इस फैसले से पुलिस विभाग और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है.
शिंदे गुट और भाजपा के बीच टकराव
वहीं, भाजपा के मंत्री जयकुमार गोरे ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए पुलिस अधीक्षक के निलंबन पर आपत्ति जताई है. इस मुद्दे को लेकर शिंदे गुट और भाजपा के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है. विधान परिषद में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष के विधायकों का गुस्सा भी साफ दिखाई दिया. सातारा के पालकमंत्री शंभूराज देसाई और कैबिनेट मंत्री मकरंद पाटील के साथ कथित तौर पर पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की किए जाने पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ. शंभूराज देसाई ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया. उन्होंने कहा कि उन्हें और अन्य नेताओं को मतदान प्रक्रिया में शामिल होने से रोका गया और करीब 10 पुलिसकर्मी उन्हें खींच रहे थे.
करीब 100 पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध
देसाई ने यह भी मांग की कि संबंधित पुलिस अधीक्षक के पूरे सेवा रिकॉर्ड की जांच की जाए और घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में मौजूद करीब 100 पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध है और उन पर भी निलंबन की कार्रवाई होनी चाहिए. उपसभापति नीलम गोऱ्हे ने निर्देश दिया है कि इस पूरे मामले की जांच पुणे के विभागीय आयुक्त द्वारा कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए. फिलहाल, सातारा का यह विवाद अब राजनीतिक संघर्ष का रूप ले चुका है और आने वाले दिनों में इस पर और सियासी घमासान देखने को मिल सकता है.
घटना का प्रत्यक्षदर्शी हूं – एकनाथ शिंदे
एकनाथ शिंदे ने कहा शंभूराज देसाई द्वारा बताई गई सभी घटनाओं का मैं भी प्रत्यक्षदर्शी हूं,जब इस चुनाव की तारीख घोषित हुई तो शंभूराज देसाई ने मुझे फोन किया था,दो मतदाता हैं, जिनके खिलाफ कुछ साल पहले कल ही मामला दर्ज हुआ था, इस पर मैंने एसपी तुषार दोषी से पूछा और उनसे कहा कि अगर मतदान हो रहा है,तो उन्हें मतदान करने दें. उन्हें मतदान से वंचित न करें. मतदान के बाद जांच करें और कार्रवाई करें. इसके बाद मैंने डीजी साहब को फोन किया और उनसे कहा कि मुझे कुछ संदेह है. मैंने उनसे कहा कि यह सब मतदान कम करने के लिए किया जा रहा है.
सतारा मामले की उचित जांच की जाएगी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सतारा जिला परिषद चुनाव के दौरान जो कुछ हुआ उसकी गहन जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी.
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