महाराष्ट्र में नहीं होंगे नगर निकाय चुनाव? राज-उद्धव ठाकरे ने EC से की ये मांग

महाराष्ट्र में नगर निगम के चुनावों से पहले विपक्षी गठबंधन दल महाविकास अघाड़ी (MVA) के सहयोगी दलों के साथ-साथ राज ठाकरे की मनसे ने वोटर लिस्ट पर कई सवाल खड़े किए हैं. दरअसल, महाविकास अघाड़ी के बड़े नेताओं और राज ठाकरे ने चुनाव आयोग से मुलाकात की और फिर प्रेस कांफ्रेंस के जरिए जानकारी दी कि उन्होंने महाराष्ट्र की मतदाता सूची में क्या-क्या खामियां पाई हैं.

mva press confrence
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महाराष्ट्र में नगर निगम के चुनावों से पहले विपक्षी गठबंधन दल महाविकास अघाड़ी (MVA) के सहयोगी दलों के साथ-साथ राज ठाकरे की मनसे ने वोटर लिस्ट पर कई सवाल खड़े किए हैं. दरअसल, महाविकास अघाड़ी के बड़े नेताओं और राज ठाकरे ने चुनाव आयोग से मुलाकात की और फिर प्रेस कांफ्रेंस के जरिए जानकारी दी कि उन्होंने महाराष्ट्र की मतदाता सूची में क्या-क्या खामियां पाई हैं.

इसी के साथ विपक्षी गठबंधन की ओर से यह दावा किया गया है कि जब तक वोटर लिस्ट में सुधार नहीं हो जाते, नगर निकाय चुनाव कराने मुश्किल हो सकते हैं. बता दें, इस प्रेस कांफ्रेंस में उद्धव ठाकरे, राज कांग्रेस के साथ बालासाहेब थोरात, विजय वड्डेटीवार और एनसीपी के जयंत पाटील मौजूद हैं.

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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि कल उन्होंने केंद्रीय निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी और आज (बुधवार, 15 अक्टूबर) राज्य और केंद्रीय निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधियों से मुलाकात की.

EC को महाराष्ट्र वोटर लिस्ट में दिखाईं गलतियां- जयंत पाटील

वहीं, प्रेस कांन्फ्रेंस के दौरान जयंत पाटील ने कहा, कल हमने मुख्य निर्वाचन आयोग (CEC) के अधिकारियों से मुलाकात की. हमने उन्हें महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट में कई गलतियां दिखाईं. उन्होंने हमें बताया कि वे यह सूची केंद्र को भेजेंगे ताकि सुधार किया जा सके. हमने आयोग के सामने कई सबूत भी पेश किए.

चुनाव आयोग नहीं दिखाना चाहता वोटर लिस्ट

हर घंटे चुनाव आयोग यह डेटा जारी करता है कि कितने पुरुष और महिलाएं मतदाता हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान शाम 5 बजे के बाद का डेटा नहीं दिया गया. हमारी मांग है कि जिन लोगों का नाम ऐसे पते पर दर्ज है जहां वे वास्तव में नहीं रहते हैं, उनके नामों में सुधार किया जाए.

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•   400 लोगों का कोई पता नहीं है
•   पुणे कैंटोनमेंट में 870 मकान
•   एक घर में 3813 मतदाता
•   एक ऐसे घर में 188 मतदाता जो अस्तित्व में ही नहीं है

उन्होंने आगे कहा, EC कहता है कि इन लोगों की जानकारी गोपनीयता के कारण नहीं दी जा सकती है. लेकिन धारा 32 के अनुसार जब कोई डेटा मांगता है तो EC को वह देना होता है. अब हमें EC को उनके ही नियम सिखाने पड़ रहे हैं. हमने कई प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों के संदर्भ में समस्याओं का उल्लेख करते हुए एक पत्र भी सौंपा है. EC के पास ऐसा सॉफ्टवेयर है जिससे गलत नामों को हटाया जा सकता है, लेकिन 2021 से उसका उपयोग नहीं किया गया है.

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जो हो रहा वो सब जानते हैं- उद्धव ठाकरे

वहीं, उद्धव ठाकरे, शिवसेना (UBT)ने कहा, जो कुछ हो रहा है, सब जानते हैं. हम अन्याय के खिलाफ एकजुट हुए हैं. हमने बीजेपी को भी साथ आने के लिए पत्र दिया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. MVA ने EC को पत्र दिया था जिसमें कहा गया कि बीजेपी मतदाता सूची को प्रभावित कर रही है. हमने सबूत दिए हैं. यह सूची हमने घर पर नहीं छापी है. चुनाव से पहले चयन प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए. हम विपक्ष के नेता के रूप में अपना कर्तव्य निभा रहे हैं, तानाशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे.

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