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अदिति तटकरे कौन? तीसरी बार बनीं मंत्री, पिता सांसद… जानें कैसा रहा राजनीतिक सफर?

Devendra Fadnavis First Cabinet Expansion: महाराष्ट्र की रायगढ़ सीट से सांसद सुनील तटकरे की बेटी अदिति तटकरे ने तीसरी बार मंत्री पद की शपथ ली है। इससे पहले वे शिंदे कैबिनेट और महा विकास अघाड़ी सरकार में भी मंत्री रह चुकी हैं। उनके बारे में जानते हैं।

Maharashtra Cabinet Expansion: महाराष्ट्र में रविवार को देवेंद्र फडणवीस के मंत्रियों ने शपथ ग्रहण कर ली। 39 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है। महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के मंत्रिमंडल के विस्तार मौके पर राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। नागपुर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में महायुति के घटक दल BJP, शिवसेना (शिंदे गुट) और NCP (अजित गुट) कोटे के विधायकों को मंत्री बनाया गया। इस दौरान CM देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार भी मौजूद रहे। अदिति तटकरे ने भी लगातार तीसरी बार मंत्री पद की शपथ ली। यह भी पढ़ें:‘सिर्फ ढाई साल के लिए बनाएंगे मंत्री…’, कैबिनेट गठन से पहले रैली में अजित पवार का ऐलान अदिति NCP (अजित गुट) के सीनियर लीडर और रायगढ़ से लोकसभा सांसद सुनील तटकरे की बेटी हैं। उन्होंने 2019 में पहली बार श्रीवर्धन विधानसभा सीट से चुनाव जीता था। पहली बार विधायक बनने के बाद इस बार फिर उन्होंने इसी सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। मूल रूप से अदिति रोहा की रहने वाली हैं। वे पहली बार महाविकास अघाड़ी सरकार में भी मंत्री बनी थीं। इसके बाद एनसीपी में टूट के बाद अजित पवार गुट के साथ गईं। जिसके बाद दूसरी बार उनको मंत्री पद मिला। आज तीसरी बार मंत्री बनी हैं।

77 हजार वोटों से हासिल की थी जीत

अदिति 2017 से 2019 तक रायगढ़ जिला परिषद की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। 30 दिसंबर 2019 से 29 जून 2022 तक वे MVA सरकार में मंत्री रहीं। तटकरे ने टूरिज्म, सूचना व जनसंपर्क, कानून जैसे विभागों का कामकाज संभाला था। इसके बाद जब शिंदे की सरकार बनी तो उनको अगस्त 2022 में मंत्री बनाया गया था। इस बार उनको एनसीपी (अजित गुट) ने श्रीवर्धन से दूसरी बार चुनाव लड़वाया था। जिसके बाद उन्होंने बंपर जीत हासिल की। उन्होंने एनसीपी शरद पवार गुट के अनिल दत्ताराम नवगाने को 77 हजार से अधिक वोटों से शिकस्त दी थी। दत्ताराम को सिर्फ 31 हजार वोट मिले। 2019 में अदिति 92074 वोटों से जीतकर विधानसभा पहुंची थीं। यह भी पढ़ें:One Nation One Election: किसे फायदा, किसे नुकसान? क्या 2029 में साथ-साथ होंगे विधानसभा-लोकसभा चुनाव?


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