Maharashtra News: महाराष्ट्र में महायुति की सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी विभागों को 100 दिन के काम का टारगेट दिया है। यह टारगेट सभी कैबिनेट और राज्य मंत्रियों पर भी लागू होता है। लगता है कि फडणवीस सरकार के मंत्रियों ने इस टारगेट को दिल पर ले लिया है। दरअसल महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट की बेटी हर्षदा खुद उनके चुनाव क्षेत्र छत्रपति संभाजी नगर में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेने पहुंच गईं। इस दौरान उनके साथ सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सिडको) के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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संजय शिरसाट पिछली सरकार में मंत्री बनने से वंचित रह गए थे। इसलिए विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन सीएम एकनाथ शिंदे ने उन्हें सिडको का अध्यक्ष बनाया था। इस बार चुनाव जीतकर मंत्री बने और उनके पास सिडको का चेयरमैन पद भी बरकरार है। न केवल मंत्री की लाडली बेटी सरकारी लाव-लश्कर के साथ पापा के चुनाव क्षेत्र में जारी सिडको के कामों का जायजा लेने पहुंचीं, बल्कि फेसबुक पर पोस्ट भी डाली। फेसबुक पोस्ट में लिखा कि छत्रपति संभाजी नगर पश्चिम चुनाव क्षेत्र के गोलवाड़ी तीसगांव वड़गांव इलाके में सिडको के विकास कार्यों का निरीक्षण उन्होंने किया है।
तीसरी बार विधायक बने हैं शिरसाट
पोस्ट वायरल होने के बाद पापा की लाडली ने फेसबुक से इसे हटा दिया। ऐसे में अब सवाल उठता है कि सिडको अध्यक्ष पापा के होने के बावजूद बेटी ने कौन से अधिकारों के तहत सरकारी अधिकारियों को तलब कर विकास कार्यों का जायजा लिया। संजय शिरसाट शिवसेना (शिंदे) के प्रवक्ता के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
इस बार उन्होंने लगातार तीसरी बार छत्रपति संभाजी नगर पश्चिम सीट से विधानसभा चुनाव जीता है, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें सामाजिक न्याय जैसा अहम मंत्रालय दिया है। इस पूरे मामले को लेकर हर्षदा शिरसाट से न्यूज24 ने बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने आवाज नहीं आने की बात कहकर फोन काट दिया। इतना जरूर कहा कि आपसे संपर्क किया जाएगा।