Lok Sabha Election 2024 : देश में लोकसभा चुनाव का महासमर शुरू होने वाला है। इसे लेकर राजनीतिक पार्टियां अब अपनी रणनीति को धार दे रही हैं। इंडिया गठबंधन के बाद एनडीए के सहयोगी दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर पेच फंसा हुआ है। महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के तहत भाजपा, शिवसेना शिंदे गुट और एनसीपी अजित गुट के बीच सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई है। आइए जानते हैं कि क्या है विवाद की असली वजह।
महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटें हैं। भाजपा 32 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है और बाकी सीटें शिवसेना-एनसीपी के बीच बंटेंगी। इसे लेकर तीनों दलों में बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय नहीं हो पाया है। शिंदे गुट की शिवसेना 13 सीटें मांग रही है, जबकि अजित गुट की एनसीपी 6-7 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।
13 सीटें मांग रही शिवसेना
भाजपा कुछ सीटों पर सहयोगी दलों के उम्मीदवारों को पार्टी के चुनाव चिह्न कमल पर लड़ाने का ऑफर दे रही है। शिवसेना वो 13 सीटें मांग रही है, जहां के सांसद टूट के बाद उनके साथ आए थे। आपको बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा और शिवसेना ने मिलकर महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव लड़ा था। शिवसेना ने 22 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 18 पर जीत मिली थी। शिवसेना में टूट के बाद 18 में से 13 सांसद शिंदे के साथ आ गए थे।
फडणवीस बोले- 2-3 सीटों पर फंसा है पेच
बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के बीच 13 सीटों को लेकर विवाद चल रहा है, लेकिन डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि 2-3 सीटों पर पेच फंसा है। सीट बंटवारे को लेकर फडणवीस ने कहा कि तीनों दलों के बीच सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है। दो-तीन सीटों पर जो पेच फंसा है, उसे भी जल्द से जल्द सुलझा लिया जाएगा।