महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है. उमरी तालुका के कलगाव गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान महाप्रसाद ग्रहण करने के बाद बड़े पैमाने पर लोगों को फूड पॉइजनिंग (विषाक्त भोजन) की शिकायत हुई है. इस घटना में अब तक 150 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.

पूरी रिपोर्ट

मामला कलगाव (बु.) का है, जहां हनुमान मंदिर में आयोजित भंडारे में 'आम्ररस' और 'पुरन पोली' का प्रसाद बांटा गया था. प्रसाद खाने के कुछ घंटों बाद ही ग्रामीणों को उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी. देखते ही देखते मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई कि स्थानीय सरकारी अस्पताल छोटा पड़ गया.

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मरीजों का आंकड़ा: अब तक करीब 150 मरीजों को भर्ती कराया गया है, जिनमें से 70 से अधिक लोगों का इलाज जारी है.
प्रशासनिक तत्परता: मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई लोगों को उमरी के ग्रामीण अस्पताल और कुछ को निजी क्लीनिकों में शिफ्ट किया गया है.
डॉक्टरों की टीम: तहसीलदार और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. स्थिति को संभालने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी अतिरिक्त डॉक्टरों और नर्सों की टीम बुलाई गई है.
निजी डॉक्टरों की मदद: सरकारी व्यवस्था कम पड़ने पर क्षेत्र के निजी डॉक्टरों ने भी आगे आकर मरीजों का इलाज शुरू किया है, जो मानवता की एक मिसाल है.

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अधिकारियों का बयान:

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फिलहाल सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है और किसी के भी जान का खतरा नहीं है. खाने के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं ताकि फूड पॉइजनिंग के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके.

सावधानी की अपील:

प्रशासन ने अपील की है कि यदि किसी और ग्रामीण को ऐसे लक्षण महसूस हों, तो वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें.

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