महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे को जोरदार झटका दिया है. ठाकरे गुट के MLC और आदित्य ठाकरे के बेहद करीबी माने जाने वाले सचिन अहीर को शिंदे की शिवसेना ने विधान परिषद में उपसभापति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है. सचिन अहीर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे - सुनेत्रा पवार की उपस्थिति में नामांकन भी दाखिल कर दिया है. दोपहर 2 बजे एकनाथ शिंदे शिवसेना पार्टी कार्यालय में मीडिया को समुद्धित करेंगे. सूत्रों की माने तो शिंदे उपस्थिति में सचिन अहीर शिवसेना में शामिल हो सकते हैं.

दस दिनों में शिंदे ने उद्धव ठाकरे को दूसरा बड़ा झटका दिया है. पहले उद्धव के 6 सांसदों को तोड़ा और अब विधान परिषद में ऑपरेशन टाइगर की चर्चा जोर शोर से होने लगी है. मंगलवार को विधानभवन में घटना क्रम तेजी से बदला है. जिस समय सचिन अहीर ने नामांकन भरा, उस समय उनके मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डीसीएम एकनाथ शिंदे साथ में शिंदे गुट की नेता MLC नीलम गोर्हे, MLC मनीषा कायंदे उपस्थित थीं.

सचिन अहीर आदित्य ठाकरे के बेहद करीबी माने जाते थे. पहले एनसीपी के विधायक थे. 2019 के विधानसभा चुनाव से पहले शिवसेना में शामिल हुए. आदित्य ठाकरे की जीत में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. बाद में ठाकरे ने उन्हें MLC बनाया.

महाराष्ट्र विधानसभा परिषद के उपसभा पति का चुनाव 1 जुलाई को होने जा रहा है. मानसून सत्र में विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने इसकी घोषणा की. आज दोपहर 12 बजे नामांकन भरने का आखिरी समय था. आज ही दोपहर 1 बजे तक नामांकन दर्ज की स्क्रूटनी करा दी जाएगी. नीलम गोर्हे का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, उन्हें दोबारा इस पद के लिए प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन एकनाथ शिंदे ने सभी को चौंकाते हुए उद्धव ठाकरे को एक जबरदस्त झटका दिया है.

1 जुलाई को होगा उपसभापति पद का चुनाव

विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने 29 जून को सदन में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी. इसके अनुसार, 1 जुलाई को दोपहर 1 बजे उपसभापति पद के लिए मतदान होगा.

कौन हैं सचिन अहीर?

वह 21 मार्च, 1972 को जन्मे सचिन अहीर मुंबई में दही हांडी फेस्टिवल के लिए जाने जाते हैं. वह अपनी पत्नी के साथ श्री संकल्प प्रतिष्ठान चलाते हैं. यह प्रतिष्ठान पूरे वर्ली में बेहद पॉपुलर है. सचिन अहीर वर्तमान में महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य हैं. इससे पहले वह तीन बार विधायकी का चुनाव भी जीत चुके हैं. वह पहली बार 1999 में विधायक बने थे. वह 2009 में महाराष्ट्र के हाउसिंग मिनिस्टर थे. उद्धव ठाकरे ने सचिन अहीर को 2020 में शिवसेना का डिप्टी लीडर नियुक्त किया था. सचिन अहीर ने राजनीति की शुरुआत शरद पवार की NCP से की थी. बाद में वह शिवसेना में आ गए थे. आदित्य ठाकरे की वर्ली सीट से जीत में सचिन अहीर की भूमिका मानी जाती है. पिछले चुनाव में शिवसेना ने आदित्य को हराने के लिए मिलिंद देवड़ा को उतारा था लेकिन आदित्य ठाकरे फिर भी जीत गए थे, जब मनसे ने संदीप देशपांडे को उतारा था.

वर्ली में बढ़ीं आदित्य ठाकरे की मुश्किलें

बता दें कि सचिन अहीर अरुण गवली के भतीजे हैं. सचिन अहीर को वर्ली क्षेत्र में मजबूत जनाधार वाला नेता माना जाता है. उन्होंने वर्षों तक क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने का काम किया है और श्रमिक संगठनों के बीच भी उनकी अच्छी पकड़ रही है.

वर्ली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व आदित्य ठाकरे करते हैं. ऐसे में उनका शिंदे गुट के साथ जाना केवल विधान परिषद की राजनीति तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसका असर वर्ली की स्थानीय राजनीतिक ताकत और संगठन पर भी पड़ सकता है. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर शिवसेना (UBT) की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.