महाराष्ट्र के नाशिक जिले से एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक मल्टीनेशनल कंपनी में महिला कर्मचारियों के साथ यौन शोषण, अश्लील हरकत और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला सामने आया है। महिला कर्मचारियों ने यौन शोषण के साथ जबरन धार्मिक कृत्य, धार्मिक कार्य थोपने का आरोप लगाया है।
नाशिक पुलिस कमिश्नरेट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT जांच के आदेश दिए हैं। महिला कर्मचारी की शिकायत के आधार पर 6 लोगों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह घटनाएं जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच अलग-अलग समय पर घटित हुई हैं।
---विज्ञापन---
मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाली 8 अन्य पीड़ित महिला और एक पुरुष ने भी मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने महिलाओं की शिकायत पर मामला दर्ज किया है जिसमें 26 मार्च को सभी आरोपी को कोर्ट में पेश किया था, उसमें उनको आठ दिन की पुलिस कस्टडी दी गयी थी। बुधवार को सभी 6 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया था और कोर्ट ने फिर से सभी 6 आरोपियों को दस एप्रिल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें: शादी की खुशियां मातम में बदलीं… महाराष्ट्र में बारातियों से भरी गाड़ी पलटी, महिला और 3 साल
महिला कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए है जिनमें महिला कर्मचारी के साथ अश्लील व्यवहार। अनुचित स्पर्श तथा उसकी निजी वैवाहिक जीवन पर आपत्तिजनक टिप्पणी, महिलाओं से असलील प्रश्न पूछना उसके शरीर की और इशारे करना और धार्मिक भावनायें आहात करने वाली बातें करना शामिल है।
शिकायतकर्ता महिला के अनुसार, जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच आरोपी दानिश शेख, तौसीफ अत्तर एवं निदा खान द्वारा कार्यस्थल पर उसके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। इस दौरान आरोपियों द्वारा हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां कर उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई। साथ ही आरोपी तौसीफ अत्तर पर विवाह का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप है, जबकि दानिश शेख द्वारा कार्यालय परिसर में अशोभनीय व्यवहार किए जाने की शिकायत दर्ज की गई है।
इसी प्रकार, मई 2023 से मार्च 2026 के दौरान आरोपी रजा मेमन एवं शाहरुख कुरैशी द्वारा महिला के साथ छेड़छाड़, अश्लील टिप्पणियां तथा उसकी निजी जिंदगी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने की घटनाएं सामने आई हैं। शिकायत के बावजूद कंपनी प्रबंधन द्वारा उचित संज्ञान न लेने का भी आरोप लगाया गया है।
मई 2022 से फरवरी 2026 के बीच आरोपी शफी शेख एवं तौसीफ अत्तर द्वारा कार्यस्थल पर अभद्र व्यवहार, अश्लील नजरों से देखना तथा महिला की निजी जिंदगी को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां करने के मामले भी दर्ज किए गए हैं। मई 2025 से दिसंबर 2025 के दौरान आरोपी तौसीफ अत्तर द्वारा महिला के प्रति अशोभनीय इशारे करना, निजी अंगों की ओर संकेत करना एवं धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियां करने के आरोप हैं।
वर्ष 2022 से 23 मार्च 2026 के बीच आरोपी तौसीफ अत्तर, दानिश शेख, शाहरुख शेख एवं रजा मेमन पर शिकायतकर्ता पर धार्मिक आचरण थोपने, जबरन धार्मिक कृत्य करवाने तथा उसके धर्म के प्रति अपमानजनक व्यवहार करने के आरोप भी दर्ज किए गए हैं। सितंबर 2024 से फरवरी 2026 के दौरान आरोपी आसिफ अंसारी एवं शफी शेख द्वारा महिला के साथ शारीरिक छेड़छाड़ एवं अनुचित स्पर्श करने की घटनाएं सामने आई हैं।
यह भी पढ़ें: ‘मदरसों से निकलते हैं आतंकी…’, ठाणे में BJP विधायक नितेश राणे का विवादित बयान
जून 2025 से मार्च 2026 के बीच आरोपी आसिफ अंसारी, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तर एवं शफी शेख द्वारा सामूहिक रूप से महिला कर्मचारी को अश्लील टिप्पणियों, अनुचित स्पर्श एवं अभद्र व्यवहार के माध्यम से प्रताड़ित करने के मामले दर्ज किए गए हैं। जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच आरोपी रजा मेमन एवं शफी शेख द्वारा महिला को बार-बार परेशान करना, उसकी इच्छा के विरुद्ध संबंध बनाने का दबाव डालना तथा शरीर के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां करने की शिकायत दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त रजा मेमन एवं शाहरुख कुरैशी द्वारा महिला की निजी जिंदगी में अनावश्यक हस्तक्षेप एवं अश्लील इशारे करने के भी आरोप हैं।
कानूनी कार्रवाई
उपरोक्त सभी मामलों में संबंधित पुलिस थानों में भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं। सभी प्रकरणों की जांच SIT द्वारा की जा रही है। अब 8 अप्रैल को कुल 6 आरोपियों को जिला सत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी हे। आरोपी को दस तारीख तक पुलिस रिमांड पर भेज है।