बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹80,952.56 करोड़ का बजट पेश किया. यह बजट पिछले वित्त वर्ष के ₹74,427.41 करोड़ की तुलना में ₹6,525 करोड़ ज्यादा, यानी 8.77% की वृद्धि दर्शाता है. मुंसिपल कमिश्नर भूषण गगरानी ने यह बजट स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे के समक्ष पेश किया. चार वर्षों बाद चुने हुए नेतृत्व के तहत यह पहला बजट है, क्योंकि बीते वर्षों में नगरपालिका चुनाव नहीं हुए थे.

पिछला बजट था रिकॉर्ड ब्रेकिंग

पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में बीएमसी ने 74,427 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया था, जो किसी भी नगर निगम का अब तक का सबसे बड़ा बजट था.

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शहर की आर्थिक दिशा तय करने वाला बजट

बीएमसी ने कहा कि यह बजट मुंबई की आर्थिक दिशा तय करने, सिविक इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सतत एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने पर केंद्रित है. बजट प्रशासनिक कुशलता, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल‑निकासी, स्थिरता, आपदा‑तैयारी, सामाजिक योजनाओं और Ease of Doing Business सुधारों को बढ़ावा देता है. अधिकारियों का कहना है कि बीएमसी ने पिछले वर्ष भी आर्थिक स्थिरता बनाए रखते हुए कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है.

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बजट में 8.38% की बढ़ोतरी

2025‑26 के लिए राजस्व आय का बजट ₹43,159 करोड़ प्रस्तावित था, जिसे बाद में संशोधित कर ₹43,478 करोड़ किया गया. यह 8.38% या ₹3,618 करोड़ की वृद्धि को दर्शाता है. बीएमसी ने कहा कि इसके विविध स्रोत- डेवलपमेंट प्लानिंग फीस, प्रॉपर्टी टैक्स, राज्य अनुदान- आय को मजबूत बनाते हैं.

BMC का अनुमानित राजस्व

  • FY 2025‑26: ₹14,398 करोड़
  • FY 2026‑27: ₹15,550 करोड़
  • 31 जनवरी 2026 तक प्राप्त: ₹11,988 करोड़
  • योजना शुल्क (Planning Revenue) में 54.99% वृद्धि

योजना शुल्क पिछले वर्ष में 54.99% बढ़कर ₹11,153 करोड़ पहुंच गया. FY 2026‑27 के लिए अनुमान ₹12,050 करोड़ का रखा गया है.

प्रॉपर्टी टैक्स: BMC की सबसे बड़ी आय का स्तंभ

  • प्रॉपर्टी टैक्स तैयार होता है कैपिटल वैल्यू और रेडी रेकनर रेट्स के आधार पर.
  • 2025‑26 का अनुमानित प्रॉपर्टी टैक्स: ₹6,200 करोड़ था.
  • 31 जनवरी 2026 तक प्राप्त: ₹4,812 करोड़ रहा.
  • वहीं 2026‑27 के लिए बजट ₹7,000 करोड़ है.

भुगतान बकाया और ऑनलाइन संग्रह पर जोर

बीएमसी की अन्य आय:

  • FY 2025‑26: ₹2,283 करोड़
  • FY 2026‑27: ₹2,572 करोड़

नया ऑनलाइन सिस्टम ₹288 करोड़ अतिरिक्त आय ला सकता है. राज्य सरकार के विभिन्न विभागों पर अभी भी ₹10,948 करोड़ की बकाया राशि लंबित है.

किस मद में कितना आवंटन

बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के वित्तीय वर्ष 2026–27 के बजट में कुल राशि का लगभग 60 प्रतिशत (48,164.28 करोड़ रुपये) कैपिटल खर्च के लिए आवंटित किया गया है. यह हिस्सा मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, शहरी नवीनीकरण परियोजनाओं और दीर्घकालिक निवेश पर केंद्रित होगा. वहीं, बाकी 40 प्रतिशत (32,788.28 करोड़ रुपये) रेवेन्यू खर्च के लिए रखा गया है, जिसमें कर्मचारियों के वेतन, मेंटेनेंस और विभिन्न नागरिक सेवाओं के संचालन की लागत शामिल है.

होनहार स्टूडेंट की मदद के लिए 19 लाख का बजट

बीएमसी ने CBSE, ICSE, IB और कैम्ब्रिज जैसे बोर्ड से जुड़े बीएमसी स्कूलों के टॉप परफॉर्म करने वाले क्लास 10 के स्टूडेंट्स को 25,000 रुपये या ट्यूशन फीस की आर्थिक मदद देने का प्रावधान किया है। इसके लिए 19 लाख का बजट रखा गया है. टीचर ट्रेनिंग के लिए 2.4 करोड़ और लाइब्रेरी के रखरखाव के लिए 5 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है.

रोड सेफ्टी प्रोग्राम और डिजास्टर मैनेजमेंट ट्रेनिंग के लिए 17 लाख

बीएमसी के बजट में इस बार रोड सेफ्टी और डिजास्टर मैनेजमेंट ट्रेनिंग को भी प्राथमिकता दी गई है। इस बजट में क्लास छठीं से दसवीं तक के स्टूडेंट्स को डिजास्टर मैनेजमेंट ट्रेनिंग और रोड सेफ्टी पेट्रोल प्रोग्राम में शामिल करने के लिए 17 लाख रुपये दिए गए हैं।

बीएमसी चुनाव 2026 के नतीजे

बीएमसी चुनाव 2026 में बीजेपी ने शानदार जीत हासिल की. 29 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की 2,869 सीटों में बीजेपी ने 1425 सीटें जीत कर सभी को चौंका दिया. 227 सदस्यों वाली बीएमसी में बीजेपी ने 89, शिवसेना ने 29, जबकि शिवसेना (यूबीटी) ने 65 और एमएनएस को छह सीटें मिलीं.

बीएमसी की नई हॉकर पॉलिसी

अनधिकृत बांग्लादेशी हॉकरों के खिलाफ़ अभियान शुरू किया गया है, वहीं अब अधिकृत हॉकरों की पहचान के लिए QR कोड आधारित सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे.

  • अब से, मुंबई नगर निगम क्षेत्र में अधिकृत हॉकरों को QR कोड आधारित सर्टिफिकेट दिए जाएंगे
  • अनधिकृत हॉकरों के खिलाफ अभियान तेज होगा
  • रोड सेफ्टी और डिजिटल बिलबोर्ड के लिए नए नियमों की घोषणा

गाड़ी चलाने वालों के लिए रोड सेफ्टी और साफ नजर पक्का करने के लिए डिजिटल बिलबोर्ड के लिए एक नई पॉलिसी बनाई गई है. इस पॉलिसी के मुताबिक, डिजिटल बिलबोर्ड की ब्राइटनेस लिमिट 3:1 रखी गई है, और चमकते या जगमगाते विज्ञापनों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है.

इस फैसले के पीछे मुख्य मकसद गाड़ी चलाने वालों का ध्यान भटकने से रोकना और एक्सीडेंट की संभावना को कम करना है. हालांकि, मॉडर्न एडवरटाइजिंग मीडिया को देखते हुए, कुछ जगहों पर LED विज्ञापनों की इजाजत दी गई है. मॉल, मल्टीप्लेक्स, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और पेट्रोल पंप पर LED बिलबोर्ड लगाने की मंजूरी दी गई है.

साथ ही, पेट्रोल पंप, मुख्य ट्रैफिक पॉइंट और टोल प्लाजा पर 20 गुणा 20 फीट के बिलबोर्ड लगाने की इजाजत दी गई है. इसके अलावा, 30 गुणा 20 फीट के बिलबोर्ड को मंजूरी देने की पॉलिसी बनाई गई है.

इन नए नियमों के साथ, प्रशासन ने रोड सेफ्टी को प्राथमिकता देने और मॉडर्न एडवरटाइजिंग मीडिया के लिए मौके देने के बीच बैलेंस बनाने की कोशिश की है.