नासिक के कथित ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस ‘बाबा’ का घिनौना चेहरा बेनकाब होता जा रहा है. आरोप है कि महिलाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए वह हर हथकंडा अपनाता था. कभी पति के नाम पर डराता, कभी नशीले पदार्थ का इस्तेमाल करता और कभी ब्लैकमेलिंग के जरिए उन्हें मजबूर करता. इतना ही नहीं, खुद को भगवान का अवतार बताकर वह लोगों की आस्था से खेलता रहा. कहा जा रहा है कि आम हो या खास, उसने किसी को भी नहीं बख्शा. जहां एक ओर मध्यमवर्ग और गरीब तबके की महिलाओं के शोषण के आरोप हैं, वहीं रसूखदार लोगों के साथ उसने अपने नेटवर्क को और मजबूत किया. इस बीच अब इस मामले में आयकर विभाग की भी एंट्री हो चुकी है. बाबा और उससे जुड़े संस्थानों के पूरे वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जाएगी, जिससे इस काले साम्राज्य की आर्थिक परतें भी खुलने की उम्मीद है.
पुलिस की गिरफ्त में आए ढोंगी बाबा अशोक खरात का काला चिट्ठा अब एक-एक कर खुलता जा रहा है. आस्था और कथित दैवीय शक्तियों की आड़ में उसने अपने काले साम्राज्य का ऐसा जाल बुन रखा था, जिसमें प्रभावशाली लोग तक शामिल बताए जा रहे हैं. लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए वह खुद को भगवान का अवतार बताता था. एफआईआर में हुए खुलासों के मुताबिक, वह महिलाओं से कहता, 'मैं कृष्ण का अवतार हूं और तुम पिछले जन्म में मेरी राधा थीं' और इसी झांसे में उन्हें फंसा लेता था. जांच में यह भी सामने आया है कि धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर वह महिलाओं के सिर पर तांबे का लोटा रखकर मंत्र पढ़ता, फिर उन्हें नशीला प्रसाद और अजीब स्वाद वाला पानी पिलाता, जिससे वे बेहोशी जैसी हालत में चली जातीं. इसी दौरान कथित तौर पर उनका शोषण किया जाता, जबकि परिवार के लोगों को बाहर ही रोक दिया जाता था.
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इस बीच, वरिष्ठ समाजसेविका अंजलि दमानिया ने भी कई चौंकाने वाले दावे किए हैं. उनके मुताबिक, बाबा कथित ‘ओशनो जल’ तैयार करता था, जिसमें नशीले तत्व मिलाने के आरोप हैं. इस जल को पाने के लिए बड़े-बड़े लोग गाड़ियां ही नहीं, बल्कि हेलीकॉप्टर तक भेजते थे. बताया जाता है कि ‘ओशने प्रे’ और ‘सिद्ध प्रे’ जैसे अनुष्ठानों के नाम पर लोगों से बार-बार जाप करवाया जाता था… और इसी आस्था के जाल में फंसाकर यह पूरा खेल लंबे समय तक चलता रहा.
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अंजलि दमानिया ने बताया, शुरुआत में यह मामला एक महिला की शिकायत तक सीमित था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इस ‘बाबा कांड’ की परतें खुलती गईं… और अब एक के बाद एक महिलाएं सामने आने लगी हैं. पुलिस के भरोसे के बाद तीन और पीड़िताओं ने शिकायत दर्ज कराई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है और आरोपी का असली चेहरा लगातार बेनकाब हो रहा है. जांच में यह भी सामने आया है कि अशोक खरात का प्रभाव यूं ही नहीं बढ़ा… उसके दरबार में पहुंचने वालों की लिस्ट में बड़े-बड़े नाम शामिल थे. नेता और अधिकारी तक अंक ज्योतिष के नाम पर उससे सलाह लेते थे, चाहे बात प्रमोशन की हो, पोस्टिंग की या करियर की दिशा तय करने की.
अंजलि दमानिया ने आगे कहा, इसी कनेक्शन का नतीजा है कि बाबा के साथ कई प्रभावशाली नेताओं और अफसरों की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. विपक्ष इस मुद्दे को लेकर शुरू से ही सरकार पर हमलावर है. खासकर, एक वीडियो वायरल होने के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा. हालांकि, विपक्ष की मांग यहीं नहीं रुकी है… अब मांग उठ रही है कि जिन नेताओं के साथ बाबा के करीबी रिश्ते थे, उन्हें भी इस मामले में सह-आरोपी बनाया जाए.
वहीं, दूसरी ओर राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र सरकार को इस मामले पर आड़े हाथ लेते हुए कहा, अशोक खरात के दरबार में जाने वाले सभी राजनेताओं खासकर मंत्रियों को सह आरोपी बनाना चाहिए. बाकी सामान्य जनता और अन्य लोगों का छोड़ दीजिए, लेकिन जो सत्ता धारी मंत्री हैं. फडणवीस के साथ कैबिनेट में हैं उन्हें सह आरोपी किए बिना इस राज्य में ढोंगी पना खत्म नहीं होगा. मंत्रियों द्वारा यह जो बातें की जा रही है कि अशोक खरात का मामले की जानकारी नहीं है यह सब झूठ बोल रहे हैं. इस मामले में खरात के खिलाफ पहला केस साल 2003 में हुआ था, फिर 2005 में केस दर्ज किया गया. नाशिक के न्यूज पेपर में खरत के कारनामे पर एक लेख छपा था, तब उस पत्रकार को धमकी तक दी गई थी.
वहीं, सरकार की ओर से इन आरोपों पर जवाब भी सामने आया है. सरकार का कहना है कि जांच तेजी से इसलिए आगे बढ़ रही है क्योंकि कार्रवाई के आदेश खुद सरकार ने दिए और एसआईटी का गठन किया गया. सत्तापक्ष का यह भी दावा है कि महाविकास आघाड़ी के कार्यकाल में इस कथित बाबा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की कोई ठोस मंशा नहीं दिखाई गई थी, जबकि अब इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है.
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, एसआईटी अब सिर्फ अपराध ही नहीं, बल्कि इस ‘बाबा’ के पूरे साम्राज्य की जड़ तक पहुंचने में जुटी है. जांच में अशोक खरात की संपत्तियों का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, उसके नाम पर कुल 52 संपत्तियां सामने आई हैं, जिनमें से 11 सीधे उसके नाम पर दर्ज हैं. ये संपत्तियां नासिक, सिन्नर, गंगापुर से लेकर अहिल्यानगर तक फैली हुई हैं. शुरुआती अनुमान में इनकी कीमत करीब 500 करोड़ रुपये तक आंकी जा रही है. जांच के दौरान कई दस्तावेजों में संदिग्ध एंट्री भी मिली हैं, जिनमें कुछ प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है. अब इस पूरे मामले में आयकर विभाग भी एक्टिव हो गया है और काले धन के एंगल से जांच की तैयारी कर रहा है. एक मर्चेंट नेवी कर्मचारी से खुद को ‘गॉडमैन’ बताने तक का सफर… और फिर करोड़ों के साम्राज्य तक पहुंचने की कहानी, अब जांच एजेंसियां इसकी हर कड़ी को खंगाल रही हैं.
फिलहाल एसआईटी इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है और जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. मामले में बाबा से जुड़े कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ में और बड़े खुलासों की उम्मीद है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस ‘बाबा कांड’ में और कितने चेहरे बेनकाब होंगे, किन-किन पर कार्रवाई की गाज गिरेगी और आस्था के नाम पर चला यह खेल आखिर कब पूरी तरह बेनकाब होगा.