सहकार क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले TDCC बैंक चुनाव में मिली जीत के बाद भाजपा-शिवसेना महायुति ने अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाते हुए बैंक की बागडोर अपने हाथ में संभाल ली है. अरुण बालू पाटील अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जबकि भाग्यश्री निलेश भोईर उपाध्यक्ष चुनी गईं. सहकारी बैंक के संचालक मंडल के चुनाव के बाद अब अध्यक्ष पद के चुनाव में भी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की रणनीतिक सूझ बूझ रंग लाई है.
BVA का प्रभाव खत्म, वर्षों से रहा है दबदबा
गौरतलब है कि बैंक की कार्यकारिणी के चुनाव में सहकार पैनल और परिवर्तन पैनल के बीच सीधा मुकाबला था. वर्षों से बैंक पर बने बहुजन विकास आघाड़ी के प्रभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से रवींद्र चव्हाण और एकनाथ शिंदे ने भाजपा और शिवसेना के उम्मीदवारों को दोनों पैनलों से चुनाव मैदान में उतारा था. चुनाव परिणामों में दोनों पैनलों को मिलाकर भाजपा-शिवसेना महायुति के 14 उम्मीदवार विजयी हुए. इसके बाद अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया.
यह भी पढ़ें: ‘एक महीने में बेटा और पिता दोनों को खो दिया’, केतन अग्रवाल हत्याकांड में बड़ा अपडेट
शिंदे के खेमे में क्रॉस वोटिंग
अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा-शिवसेना महायुति के 14 और बहुजन विकास आघाड़ी के 7 सदस्यों ने मतदान किया. चुनाव की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि कार्यकारिणी चुनाव में अलग-अलग पैनलों से मैदान में उतरे भाजपा नेता किसन कथोरे और कपिल पाटील अध्यक्ष पद के चुनाव में एकजुट दिखाई दिए. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रवींद्र चव्हाण की संतुलित और प्रभावी राजनीतिक रणनीति का परिणाम है.
वहीं, दूसरी ओर शिवसेना का एक वोट टूटने से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को हल्का राजनीतिक झटका जरूर लगा. चुनाव के परिणाम में भाजपा-शिवसेना महायुति के उम्मीदवार अरुण बालू पाटील अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जबकि भाग्यश्री निलेश भोईर उपाध्यक्ष चुनी गईं. इसके साथ ही ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक पर बहुजन विकास आघाड़ी का वर्षों पुराना वर्चस्व समाप्त हो गया और भाजपा-शिवसेना महायुति ने बैंक के नेतृत्व पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया.
यह भी पढ़ें: पहली ही बारिश नहीं झेल पाया महाराष्ट्र-MP को जोड़ने वाला पुल, 1 महीने पहले ही हुआ था तैयार
क्या होता है सहकारी बैंक?
जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं. ये प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और राज्य सहकारी बैंकों के बीच वित्तीय सेतु का काम करते हैं. किसानों, ग्रामीण उद्यमियों और सहकारी संस्थाओं को ऋण उपलब्ध कराना, बचत को बढ़ावा देना और कृषि क्षेत्र को वित्तीय सहायता देना इनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है. इसलिए इन बैंकों का प्रभाव सीधे ग्रामीण विकास और कृषि अर्थव्यवस्था पर पड़ता है.
संबंधित खबरें
दिवाली से पहले एक्शन, 'बिरयानी बाय किलो', जेप्टो, D-मार्ट पर FDA की गाज
16 hrs agoअमिताभ बच्चन के बंगले जलसा, हाईकोर्ट और BSE को बम से उड़ाने की धमकी
21 hrs agoदिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर क्या काम पूरा हुआ और कहां बाकी है? जानें अपडेट
1 day ago10 नवंबर के बाद क्या होगा? शरद पवार के वीडियो ने मचाई राजनीतिक हलचल
1 day agoIAS अधिकारी ने मांगा अपॉइंटमेंट तो भड़क उठा शख्स; बहस का Video Viral
1 day agoHC ने गोवा के 6 वोटरों के नाम बहाल करने का EC को दिया आदेश, 10 दिन की मोहलत
1 day agoPM मोदी बोले- 2014 की रफ्तार से काम होता तो दशकों तरसता पुणे
1 day agoHC के निर्देश के बावजूद BMC ने दोबारा शेयर नहीं किया दीया मिर्जा का VIDEO
2 days ago'प्रदूषण रोकने के लिए नियम लागू करें', बॉम्बे HC ने BMC को फटकारा
2 days agoशरद पवार को आया PM मोदी का फोन, क्या पाला बदलेंगी सुप्रिया सुले?
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines