महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई करवट लेते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) जल्द ही महायुति के सहयोगी शिवसेना से हाथ मिला सकती है। दरअसल, शिवसेना (शिंदे गुट) और मनसे के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत तेज हो गई है। दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच दो दौर की बैठकें हो चुकी हैं और अब तीसरे दौर की योजना बनाई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, आगामी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों को ध्यान में रखते हुए अब शिवसेना और मनसे के दूसरे स्तर के नेता सीटों के बंटवारे को लेकर प्राथमिक चर्चा करने जा रहे हैं। गठबंधन को लेकर दोनों दलों के बीच सकारात्मक माहौल बना है और जल्द ही इस पर औपचारिक घोषणा हो सकती है।
चार महीने में स्थानीय निकाय चुनाव कराने का आदेश
दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले ठाकरे गुट और मनसे के बीच अभी तक केवल “पहले आप… पहले आप…” जैसी औपचारिक चर्चाएं ही चल रही हैं। इस तुलना में शिवसेना (शिंदे गुट) ने मनसे के साथ गठबंधन को लेकर स्पष्ट रूप से पहल करते हुए बड़ी बढ़त बनाई है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में अगले चार महीनों के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव कराने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। शिवसेना ने तेजी से कदम उठाते हुए मनसे के साथ संभावित गठबंधन की दिशा में बातचीत को गति दी है।
किस शहरी क्षेत्रों में गठबंधन को होगा फायदा?
हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर मनसे महायुती में शामिल होती है तो मुंबई, ठाणे और नासिक जैसे शहरी क्षेत्रों में गठबंधन को खासा फायदा हो सकता है। अब देखना यह होगा कि तीसरे दौर की बैठक में क्या निर्णय लिए जाते हैं और मनसे की भूमिका महायुती में किस रूप में तय होती है।