महाराष्ट्र के बीड जिले में नाबालिग लड़की के कथित अपहरण के मामले ने जांच के दौरान ऐसा मोड़ लिया कि पुलिस भी हैरान रह गई. जिस बेटी के अपहरण की शिकायत उसके माता-पिता ने दर्ज कराई थी, जांच में वही माता-पिता आरोपी निकल गए. आरोप है कि उन्होंने पैसों के लिए अपनी नाबालिग बेटी का बाल विवाह कराया और इसके बदले दो लाख रुपये की मांग की. कुछ रकम मिलने के बाद बाकी पैसे नहीं मिले तो उन्होंने बेटी के अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी.

मामला नेकनूर पुलिस थाना क्षेत्र का है. पुलिस के मुताबिक, नाबालिग लड़की के लापता होने की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच बीड की इम्मोरल ह्यूमन ट्रैफिकिंग प्रिवेंशन सेल (AHTU) को सौंपी गई. जांच के दौरान सामने आया कि नाबालिग का बाल विवाह तय किया गया था और इसके लिए कथित तौर पर दो लाख रुपये की मांग की गई थी. इसमें से 10 हजार रुपये ऑनलाइन और 10 हजार रुपये नकद दिए जाने की जानकारी सामने आई. आरोप है कि बाकी रकम नहीं मिलने के बाद लड़की के माता-पिता ने उसके अपहरण की शिकायत दर्ज करा दी. शिकायत के बाद नाबालिग और उसके साथ मौजूद आरोपी बीड से बाहर चले गए थे.

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मामले में नेकनूर पुलिस थाने में केस नंबर 54/2026 के तहत BNS 2023 की धारा 137(2) में मामला दर्ज किया गया. जांच को आगे बढ़ाते हुए AHTU की असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर जनाबाई सांगले ने केस की मूल फाइल का अध्ययन किया और शिकायतकर्ता तथा गवाहों से पूछताछ की. इसके बाद पुलिस टीम ने बीड जिले में कई जगहों पर तलाश की, लेकिन नाबालिग और आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला. पुलिस ने अलग-अलग संदिग्ध मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण भी किया, लेकिन शुरुआती जांच में कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी. इसके बाद तकनीकी जांच और गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि नाबालिग लड़की और आरोपी कोल्हापुर जिले के शिरोली MIDC इलाके में रह रहे हैं. सूचना मिलते ही AHTU की टीम 12 सितंबर 2026 को कोल्हापुर रवाना हुई.

शिरोली MIDC पुलिस की मदद से AHTU टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर बताए गए स्थान पर छापेमारी की. पुलिस ने नाबालिग लड़की और आरोपी को उनके रहने और काम करने की जगह से बरामद कर लिया और उन्हें शिरोली MIDC पुलिस थाने ले जाया गया. इसके बाद दोनों को बीड लाया गया. नेकनूर पुलिस थाने में नाबालिग लड़की का विस्तृत बयान दर्ज किया गया. पीड़िता के बयान के बाद मामले की तस्वीर पूरी तरह बदल गई और अपहरण की शिकायत करने वाले उसके माता-पिता पर ही गंभीर आरोप सामने आए. पुलिस ने माता-पिता समेत अन्य आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. फिलहाल इस पूरे मामले की आगे की जांच इम्मोरल ह्यूमन ट्रैफिकिंग प्रिवेंशन सेल कर रही है. जांच में बाल विवाह, पैसों के लेन-देन और नाबालिग के कथित शोषण से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.

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