Cat Swallows Gold Ring: कहते हैं कि किस्मत का लिखा कोई नहीं बदल सकता. लेकिन बीड जिले के एक गांव में किस्मत ने ऐसा खेल खेला कि दामाद के स्वागत के लिए खरीदी गई सोने की अंगूठी दामाद की उंगली में सजने के बजाय एक बिल्ली के पेट में जा पहुंची. अंगूठी तो आखिरकार मिल गई, लेकिन उसकी तलाश में एक बेजुबान की जिंदगी हमेशा के लिए बुझ गई.

महाराष्ट्र में इन दिनों चल रहे अधिकमास का माहौल है. यह महीना बेटियों और दामादों के सम्मान और सत्कार के लिए विशेष माना जाता है. बीड जिले के टाकरवन क्षेत्र के एक परिवार में भी बेटी-दामाद के आगमन की तैयारियां पूरे शबाब पर थीं. घर में उत्सव का माहौल था, रसोई से पकवानों की खुशबू उठ रही थी और दामाद के स्वागत के लिए खास तौर पर पांच ग्राम की सोने की अंगूठी बनवाई गई थी.

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परिवार ने परंपरा के अनुसार अंगूठी को आटे से बने एक विशेष गोले में छिपाकर रखा था. योजना यह थी कि भोजन के दौरान यह सरप्राइज दामाद को दिया जाएगा. लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था.
घर के लोग मेहमाननवाजी में व्यस्त थे कि तभी एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे परिवार के होश उड़ा दिए. घर में घूम रही पालतू बिल्ली ने झटके से वह आटे का गोला निगल लिया, जिसके भीतर सोने की अंगूठी छिपी हुई थी. कुछ पल के लिए किसी को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है. जब सच्चाई सामने आई तो खुशी से झूम रहा घर सन्नाटे में डूब गया.

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दामाद के लिए खरीदी गई सोने की अंगूठी अब बिल्ली के पेट में कैद हो चुकी थी.
घरवालों ने बिल्ली पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी. उम्मीद थी कि एक-दो दिन में अंगूठी स्वाभाविक रूप से बाहर निकल आएगी. लेकिन दिन बीतते गए और इंतजार लंबा होता गया. उधर दामाद का सम्मान समारोह भी फीका पड़ गया. अंगूठी की जगह कपड़े भेंट कर रस्म पूरी करनी पड़ी.

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एक तरफ परिवार को सोने की अंगूठी की चिंता थी, तो दूसरी तरफ बिल्ली की हालत भी बिगड़ने लगी. चार दिनों तक चले इंतजार के बाद आखिरकार उसे पशु चिकित्सक के पास ले जाया गया. डॉक्टरों ने तमाम कोशिशें कीं, दवाइयां दीं, लेकिन किस्मत को शायद यह मंजूर नहीं था.
इलाज के दौरान बिल्ली ने दम तोड़ दिया.

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जिस अंगूठी को पाने के लिए पूरा परिवार चार दिनों से बेचैन था, वह आखिरकार मृत बिल्ली के पेट से निकाल ली गई. सोना वापस मिल गया, लेकिन उसके साथ घर में एक गहरा सन्नाटा भी लौट आया.

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आज टाकरवन और आसपास के गांवों में इस अनोखी घटना की चर्चा हर चौपाल, हर दुकान और हर गली में सुनाई दे रही है. लोग हैरान हैं कि एक छोटी-सी अंगूठी ने कैसे खुशियों से भरे एक समारोह को दर्द भरी दास्तान में बदल दिया.

विडंबना देखिए… जिस सोने की अंगूठी को दामाद की उंगली की शोभा बनना था, वह चार दिन तक एक बिल्ली के पेट में कैद रही. अंगूठी तो आखिरकार मिल गई, लेकिन उसकी चमक के पीछे एक मासूम जिंदगी हमेशा के लिए बुझ गई.