मुंबई में लंबे समय से रह रहे 8 लोगों की पहचान को लेकर पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. RCF पुलिस ने ठाणे के कलवा इलाके से आठ बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है. पुलिस का दावा है कि ये सभी करीब 35 साल पहले भारत आए थे और तब से यहां रह रहे थे, लेकिन भारत में रहने का कोई वैध दस्तावेज उनके पास नहीं मिला. आरसीएफ पुलिस को कलवा के ख्वाजा गरीबनवाज चॉल, मोफतलाल कंपनी के पास कुछ लोगों के अवैध रूप से रहने की जानकारी मिली थी. इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली और आठ लोगों को हिरासत में लिया.

जमीन के कागज, रिश्तेदारों के ID कार्ड मिले

पूछताछ के दौरान पुलिस को ऐसे दस्तावेज मिले, जिनके तार सीधे बांग्लादेश से जुड़ते हैं. जांच में जेशोर जिले के ग्राम खोरीदंगा के पते से जुड़े जमीन के कागजात मिले हैं. इसके अलावा बांग्लादेश में रहने वाले उनके रिश्तेदारों के पहचान पत्र भी पुलिस के हाथ लगे हैं. इन दस्तावेजों के आधार पर पुलिस को संदेह है कि सभी आठों मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले हैं. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने कथित तौर पर बिना वैध अनुमति के सीमा पार कर भारत में प्रवेश किया और इसके बाद मुंबई-ठाणे में अपना ठिकाना बना लिया.

---विज्ञापन---

पुलिस शुरू करेगी डिपोर्ट करने की प्रक्रिया

पुलिस के मुताबिक, इन लोगों ने पूछताछ में करीब 3 दशक से ज्यादा समय पहले भारत आने की बात बताई है. इतने लंबे समय तक यहां रहने के बावजूद भारत में रहने की वैध अनुमति से जुड़े दस्तावेज नहीं मिलना अब जांच का अहम हिस्सा है. RCF पुलिस ने आठों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. साथ ही उनकी नागरिकता और भारत में दाखिल होने से जुड़ी जानकारी की जांच की जा रही है. पुलिस अब जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आठों बांग्लादेशियों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी.

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये लोग भारत में कब, किस रास्ते से दाखिल हुए और इतने वर्षों तक यहां किस तरह रह रहे थे.

---विज्ञापन---