बाबा सिद्दीकी को क्यों मारा गया? बाप-बेटा दोनों में से एक को मारने के थे आदेश, पुलिस के 3 बड़े खुलासे

Baba Siddique Murdere: बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में मुंबई पुलिस की जांच में कई खुलासे हुए हैं। उनकी हत्या होने की 2 वजहें हो सकती हैं। दोनों के एंगल से पुलिस जांच कर रही है। आइए जानते हैं कि आखिर मुंबई पुलिस के शक की सुई किस ओर घूम रही है?

Baba Siddique

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Baba Siddique Murder Case Update: 12 अक्टूबर को मुंबई के बांद्रा में बाबा सिद्दीकी की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। मुंबई पुलिस वारदात अंजाम देने के लिए रची गई साजिश में शामिल 9 लोगों को पकड़ चुकी है। अब तक की जांच में पुलिस को यही लग रहा है कि लॉरेंस बिश्नोई ने ही बाबा सिद्दीकी को शूटरों को हायर करके मरवाया है, वहीं पुलिस की जांच में कई और खुलासे भी हुए हैं, जो पुलिस सूत्रों के जरिए उजागर हुए हैं।

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मुंबई पुलिस के अनुसार, शूटरों को बाबा सिद्दीकी या उनके बेटे जीशान सिद्दीकी, दोनों में से किसी एक को निशाना बनाने के लिए कहा गया था। इसका मतलब यह है कि जीशान सिद्दीकी भी शूटरों के निशाने पर था, लेकिन वह अपने दफ्तर के बाहर ही अपनी कार में बैठ गया। इसलिए शूटरों को बाबा सिद्दीकी को टारगेट करने का आदेश दिया गया, जिनकी कार जीशान के दफ्तर से करीब 200 मीटर दूर खड़ी थी।

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पार्टी वर्करों से मिलने जा रहे थे बाबा, तब मारी गोलियां

मुंबई पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, पुलिस को आरोपियों में से एक आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए स्नैपचैट अकाउंट पर जीशान सिद्दीकी की तस्वीरें और उनकी गाड़ी का नंबर मिला है। जब इस बारे में पूछताछ की गई तो आरोपियों ने बताया कि उन्हें बाप और बेटे में से किसी एक को मारने के लिए कहा गया था। उन्होंने बताया कि 200 मीटर की दूरी से बाबा सिद्दीकी पर हमला करना आसान था, इसलिए उन्हें टारगेट किया गया।

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दूसरी ओर, जब पुलिस ने बाबा सिद्दीकी के परिवार के सदस्यों से पूछा कि उन्होंने 200 मीटर की दूरी पैदल क्यों तय की तो उन्होंने बताया कि उन्हें इससे पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं से बातचीत करने का समय और स्थान मिल गया था, लेकिन शूटरों ने उन पर उसी समय गोलियां चलाईं, जब वह अपने बेटे और कांग्रेस विधायक जीशान सिद्दीकी के खेरवाड़ी कार्यालय के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने जा रहे थे।

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बाबा की हत्या करने की एक वजह यह होने का शक

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई पुलिस ने आगे बताया कि अब तक की जांच में बाबा सिद्दीकी की हत्या के पीछे मुख्य मकसद लॉरेंस बिश्नोई का मुंबई में अपने गैंग का विस्तार करना है। जबरन वसूली की गतिविधियां शुरू करने के लिए शहर में भय का माहौल बनाने की कोशिश करना है। यह पूछे जाने पर कि शूटरों ने बाबा सिद्दीकी की हत्या क्यों की, जबकि सलमान खान के मामले में उन्होंने उनके आवास के बाहर गोलीबारी की और भाग गए। एक अधिकारी ने जवाब दिया कि जब किसी की हत्या होती है तो अन्य लोग डर जाते हैं और उनसे वसूली करना संभव हो जाता है।

हालांकि बांद्रा में एक झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण परियोजना से जुड़े विवाद के पहलू से भी केस की जांच कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने संकेत दिया है कि जांच संत ज्ञानेश्वर सोसायटी SRA परियोजना पर विवाद के एंगल से भी जांच चल रही है, क्योंकि साल 2014 में बाबा सिद्दीकी ने 75 करोड़ रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी घोषित की थी, जिसमें रियल एस्टेट होल्डिंग्स भी शामिल हैं। वह पहले भी जांच के दायरे में थे, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2017 में एक झुग्गी पुनर्वास परियोजना से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच करते हुए उनकी बांद्रा स्थित संपत्तियों पर छापेमारी की थी। अगस्त में जीशान के खिलाफ SRA अधिकारियों द्वारा जमीन के सर्वेक्षण का कथित रूप से विरोध करने के लिए FIR दर्ज की गई थी।

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5 बदमाश वारदात अंजाम देने से पीछे हट गए थे

बता दें कि अब तक मुंबई पुलिस इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें शिवकुमार गौतम नामक व्यक्ति का साथ देने वाले 2 लोग भी शामिल हैं। पुलिस को तुर्की में बनी पिस्तौल और ग्लॉक मिला है, जिसे राजस्थान से भेजा गया था और शूटरों को सौंप दिया गया था। पुलिस शिव कुमार गौतम, शुभम लोनकर और जीशान अख्तर की तलाश कर रही है, जिनमें से 2 पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से सीधे संपर्क होने का शक है। पुलिस लॉरेंस बिश्नोई की कस्टडी हासिल करने का प्रयास भी कर रही है, जो फिलहाल गुजरात की साबरमती जेल में बंद है।

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पुलिस के अनुसार, मामले में एक दिन पहले गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों ने इस काम के लिए 50 लाख रुपये मांगे थे, लेकिन पेमेंट पर असहमति बनने और टारगेट के प्रभाव को देखते हुए वे पीछे हट गए थे। इन पांचों आरोपियों की पहचान नितिन गौतम सप्रे (32), संभाजी किसन पारधी (44), प्रदीप दत्तू थोम्ब्रे (37), चेतन दिलीप पारधी और राम फुलचंद कनौजिया (43) के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, थोम्ब्रे को छोड़कर बाकी 4 लोगों का बैकग्राउंड क्रिमिनल है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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