महाराष्ट्र की महत्वाकांक्षी आधारभूत संरचना परियोजनाओं को नई पहचान दिलाने वाले वरिष्ठ अभियंता और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक इंजि. डॉ. अनिल कुमार गायकवाड़ को बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी मिली है. उन्हें इंटरनेशनल रोड फेडरेशन (IRF) इंडिया चैप्टर का नया अध्यक्ष चुना गया है. खास बात यह है कि इस पद के लिए उनका चयन सर्वसम्मति से हुआ. डॉ. गायकवाड़ को देश में आधुनिक सड़क नेटवर्क, सुरंग निर्माण और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अहम योगदान देने वाले अधिकारियों में गिना जाता है.

इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े खिलाड़ी हैं डॉ. गायकवाड़

देश में जब भी आधुनिक सड़कों, लंबी सुरंगों और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी की बात होती है, तो डॉ. गायकवाड़ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है. उन्होंने न केवल हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे समृद्धि महामार्ग जैसे विशाल प्रोजेक्ट को हकीकत में बदला, बल्कि मुंबई और नागपुर के बीच की दूरी को भी कम कर दिया. इसके अलावा, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के बेहद चुनौतीपूर्ण 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट को पूरा करने में भी उनकी इंजीनियरिंग का लोहा दुनिया ने माना है. इस परियोजना को देश के सबसे चुनौतीपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में माना जाता है. वहीं समृद्धि महामार्ग ने मुंबई से नागपुर के बीच कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति दी है.

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महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक पहचान

डॉ. गायकवाड़ के खाते में सिर्फ सड़कें ही नहीं, बल्कि बांद्रा-वर्ली सी लिंक, वैतरणा नदी का स्टील ब्रिज और मुंबई हाईकोर्ट के नवीनीकरण जैसे कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स शामिल हैं. अब IRF इंडिया के अध्यक्ष के तौर पर उनकी नियुक्ति से यह उम्मीद जताई जा रही है कि भारत में सड़क सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट सिस्टम को वैश्विक स्तर के मानक मिलेंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी इस नई जिम्मेदारी से महाराष्ट्र की आगामी बड़ी परियोजनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी ज्यादा मजबूती और पहचान मिलेगी. देश की इंफ्रास्ट्रक्चर नीति में अब महाराष्ट्र का प्रभाव और भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा.

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