बारामती में हुए भीषण विमान हादसे की जांच रिपोर्ट आने के बाद महाराष्ट्र की सियासत में उबाल आ गया है. एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है. बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवार ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए दावा किया कि यह रिपोर्ट गलतियों से भरी है. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में विमान के पेड़ों से टकराने की बात कही गई है जबकि हकीकत में उस जगह एक भी पेड़ मौजूद नही है. इतना ही नही सीसीटीवी फुटेज में विमान बाईं ओर झुकता दिख रहा है जबकि सरकारी कागजों में इसे दाईं ओर झुकना बताया गया है. पवार ने आरोप लगाया कि यह सब वीएसआर वेंचर्स कंपनी और रसूखदार लोगों को बचाने के लिए किया जा रहा है.

ब्लैक बॉक्स का रहस्य और तकनीकी गड़बड़ी

रोहित पवार ने विमान के 'ब्लैक बॉक्स' को लेकर भी चौंकाने वाला खुलासा किया है. आधिकारिक जांच में कहा गया था कि अत्यधिक गर्मी के कारण कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर खराब हो गए हैं और उनमें कोई डेटा नही बचा है. हालांकि पवार ने मलबे से मिले ब्लैक बॉक्स की तस्वीरें दिखाते हुए इस दावे को चुनौती दी. हवाई सुरक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि तस्वीरों में ब्लैक बॉक्स पर जलने या गर्मी से पिघलने के कोई निशान नही दिख रहे हैं. रोहित पवार ने सवाल उठाया कि अगर रिकॉर्डर सुरक्षित था तो उसका डेटा सार्वजनिक क्यों नही किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि विमान के उड़ान के घंटों को भी कम करके दिखाया जाता था ताकि जरूरी मेंटेनेंस से बचा जा सके.

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कंपनी के मुनाफे और शेल कंपनियों पर आरोप

पवार ने केवल तकनीकी गड़बड़ियों पर ही नही बल्कि चार्टर कंपनी वीएसआर वेंचर्स की माली हालत पर भी उंगली उठाई है. उन्होंने सवाल किया कि जो कंपनी 2016 में 10 करोड़ रुपये से कम कमा रही थी वह 2025 तक 500 करोड़ रुपये के पार कैसे पहुंच गई. उन्होंने आरोप लगाया कि कई संदिग्ध शेल कंपनियों ने इस फर्म में बड़ा निवेश किया और फिर अचानक बंद हो गईं. पवार ने इसे एक बड़ा आर्थिक घोटाला बताते हुए कहा कि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर यात्रियों की जान जोखिम में डाली गई. उन्होंने यह भी पूछा कि खराब मौसम और कम दृश्यता के बावजूद पुणे एटीसी ने विमान को बारामती जाने की इजाजत क्यों दी और उसे डायवर्ट क्यों नही किया गया.

धमकी का खुलासा और नई जांच की मांग

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोहित पवार ने सबसे सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी के मालिक वीके सिंह ने उनकी टीम को जांच रोकने की धमकी दी है. पवार के मुताबिक सिंह ने दावा किया है कि उनकी पहुंच बहुत ऊपर तक है और कोई उनका कुछ बिगाड़ नही सकता. रोहित पवार ने इस पूरे मामले की नए सिरे से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है ताकि उन चेहरों को बेनकाब किया जा सके जो इस त्रासदी के पीछे जिम्मेदार हैं. बता दें कि 28 जनवरी को हुए इस दर्दनाक हादसे में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी. अब रोहित पवार के इन नए दावों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है जिसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई दे रही है.