महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. संगमनेर तहसील के वडगांव पान इलाके में मंगलवार को एक अज्ञात हमलावर ने छठी कक्षा में पढ़ने वाली एक मासूम छात्रा के चेहरे पर एसिड फेंक दिया. यह घटना उस समय हुई जब बच्ची स्कूल खत्म होने के बाद रोज की तरह अपने घर लौट रही थी. अचानक रास्ते में आए एक युवक ने बिना कुछ कहे छात्रा पर तेजाब डाल दिया और मौके से फरार हो गया. इस हमले के बाद बच्ची की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए. जिससे हमलावर को भागने का मौका मिल गया. इस खौफनाक घटना ने न केवल संगमनेर बल्कि पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
अस्पताल में जिंदगी की जंग और परिवार का बुरा हाल
हमले के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल छात्रा को लोनी के प्रवरानगर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी स्थिति पर नजर रख रही है. पीड़िता का परिवार बेहद गरीब पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता है. पिता के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उसकी मां के कंधों पर है. जो मजदूरी करके अपने बच्चों और बुजुर्ग दादा-दादी का पेट पालती है. इस घटना ने एक हंसते-खेलते गरीब परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. अस्पताल के बाहर मौजूद लोगों में आरोपी के खिलाफ भारी आक्रोश है और हर कोई इस मासूम के लिए इंसाफ की गुहार लगा रहा है.
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें: इंदौर में भीषण अग्निकांड, घर में आग से जिंदा जले एक ही परिवार के 8 लोग
---विज्ञापन---
पुलिस की घेराबंदी और सीसीटीवी फुटेज की तलाश
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया है. एसडीपीओ डॉ. कुणाल सोनवणे और पुलिस निरीक्षक प्रवीण सालुंखे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और तफ्तीश शुरू की. पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं जो आरोपी की पहचान के लिए इलाके के सभी रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं. पुलिस आसपास के लोगों और छात्रा के सहपाठियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि हमले की वजह का सुराग मिल सके. हालांकि. अभी तक हमले के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. लेकिन पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा.
एसिड की अवैध बिक्री पर फिर उठे सवाल
इस वारदात ने एक बार फिर समाज और प्रशासन के सामने पुराने जख्मों को कुरेद दिया है. सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के बावजूद खुले बाजार में एसिड की आसान उपलब्धता अपराधियों के हौसले बुलंद कर रही है. एक मासूम छात्रा पर इस तरह का हमला न केवल उसकी शारीरिक क्षति है. बल्कि उसके भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रहार है. स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न कर सके. अब देखना यह है कि पुलिस कितनी जल्दी इस 'हैवान' को पकड़कर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है.