महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आने की चर्चा है. खबरें हैं कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) यानी यूबीटी गुट के कई सांसद पार्टी से अलग होने की तैयारी में हैं. राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद अलग गुट बनाकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक शिवसेना यूबीटी को बड़ा झटका लग सकता है. शिवसेना यूबीटी के 6 सांसद दिल्ली रवाना हुए हैं, जिसमें संजय जाधव,संजय देशमुख और भाऊ साहेब वाकचौर का नाम शामिल है. एकनाथ शिंदे के भी दिल्ली रवाना होने की खबर है.

महाराष्ट्र में क्या चल रहा है?

महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा चल रही है. दावा किया जा रहा है कि 6 सांसदों को साथ लेकर नया ग्रुप बनाया जा सकता है, जिसके बाद वो शिंदे गुट के साथ विलय का रास्ता अपना सकता है. अगर ऐसा होता है तो ये उद्धव ठाकरे के लिए 2022 के बाद सबसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा. पार्टी में टूट की संभावना को रोकने के लिए शिवसेना (यूबीटी) नेतृत्व एक्टिव हो गया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत तथा सांसद अनिल देसाई भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर सात सांसद एक साथ अलग होते हैं तो वो दल-बदल कानून के तहत जरूरी दो-तिहाई संख्या के करीब पहुंच जाएंगे, जिससे उनकी राजनीतिक रणनीति को मजबूती मिल सकती है.

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