Mulayam Singh Yadav: 1990 में कारसेवकों पर फायरिंग का आदेश, 1992 में सपा का गठन... ये रहे नेताजी के अहम फैसले
Edited By Nitin Arora

Edited By Nitin Arora

लखनऊ: वर्ष 1990 अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलवाने का मुलायम सिंह यादव का फैसला उनके राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा और सबसे विवादित फैसला रहा है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक संरक्षक और उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे मुलायम का सोमवार को निधन हो गया। वह 82 वर्ष के थे।
मुलायम यादव के कई फैसले रहे जो हमेशा भारत के इतिहास में उनका नाम उजागर करेंगे, लेकिन 30 अक्टूबर, 1990 और इसके दो दिन बाद की घटनाएं बेहद खतरनाक रहीं। पहले 30 अक्टूबर को कारसेवकों पर गोलियां चली। इसमें 5 लोगों की मौत हुई थी। फिर इसके दो दिन बाद जब भारी संख्या में कारसेवक बाबरी मस्जिद के बिल्कुल करीब हनुमान गढ़ी के पास पहुंच गए थे तो तब पुलिस ने लोगों पर गोलियां चलाई। इसमें करीब ढेड़ दर्जन लोगों के मारे जाने के सरकारी आंकड़े सामने आए थे। गोली चलाने का फैसला मुलायम सिंह का था, जो उस वक्त राज्य के सीएम थे।
अयोध्या में राम मंदिर के लिए अभियान आरएसएस प्रतिनिधि सभा के 1986 के एक प्रस्ताव के बाद से चल रहा था, लेकिन भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी द्वारा राष्ट्रव्यापी रथ यात्रा का नेतृत्व करने का फैसला करने के बाद इसे गति मिली।
सत्तारूढ़ जनता दल में अंदरूनी कलह के कारण केंद्र में वीपी सिंह की सरकार अस्थिर थी। उत्तर प्रदेश में उसी पार्टी के मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे। जनता दल आरएसएस, भाजपा और विहिप के अयोध्या अभियान के घोर विरोध में था।
मुलायम सिंह यादव ने अक्टूबर 1990 में लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा का विरोध करते हुए कहा था, ‘उन्हें कोशिश करने दें और अयोध्या में प्रवेश करने दें। हम उन्हें कानून का अर्थ सिखाएंगे। कोई मस्जिद नहीं तोड़ी जाएगी।’
लालकृष्ण आडवाणी अयोध्या में प्रवेश नहीं कर सके क्योंकि उन्हें बिहार में जनता दल की लालू प्रसाद सरकार ने गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन अयोध्या अभियान ने उत्तर प्रदेश शहर में कारसेवकों (स्वयंसेवकों) की एक विशाल सभा देखी थी।
जैसा कि उन्होंने बाबरी मस्जिद की ओर मार्च करने की कोशिश की। 30 अक्टूबर को कारसेवकों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। उस समय कारसेवकों का क्या प्लान था, यह स्पष्ट नहीं था। आयोजक – विहिप, आरएसएस और भाजपा – बाबरी मस्जिद स्थल पर एक राम मंदिर चाहते थे, लेकिन यह अभी तक स्पष्ट नहीं था कि कारसेवक मस्जिद का क्या करेंगे।
30 अक्टूबर की सुबह पुलिस ने बाबरी मस्जिद तक जाने वाले करीब 1.5 किलोमीटर लंबे रास्ते पर बैरिकेडिंग कर दी थी। अयोध्या अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे में थी। कर्फ्यू लगा दिया था। फिर भी, साधुओं और कारसेवकों ने संरचना की ओर कूच किया।
दोपहर तक पुलिस को तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से कारसेवकों पर गोली चलाने का आदेश मिला। फायरिंग से अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। पुलिस ने अयोध्या की गलियों में कारसेवकों को खदेड़ा।
2 नवंबर को संघर्ष का एक और दौर शुरू हुआ, जब कारसेवक वापस आए और एक अलग रणनीति अपनाते हुए बाबरी मस्जिद की ओर अपना मार्च फिर से शुरू किया। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए तैनात सुरक्षाकर्मियों के पैर छूकर कारसेवक आगे बढ़े, जिनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे। पैर छूने वाले इरादे से स्तब्ध फायरिंग की घटना के दो दिन बाद सुरक्षाकर्मी पीछे हट जाते और कारसेवक आगे बढ़ते।
सुरक्षाकर्मियों ने रणनीति को देखा और उन्हें चेतावनी दी। हालांकि, कारसेवक नहीं रुके और सुरक्षा बलों ने तीन दिन में दूसरी बार फायरिंग कर दी। झड़पों में कई की मौत हो गई। आधिकारिक रिकॉर्ड में 17 मौतें दिखाई गईं लेकिन भाजपा ने मरने वालों की संख्या अधिक बताई। मरने वालों में कोलकाता के कोठारी भाई- राम और शरद भी शामिल थे। उन्हें 30 अक्टूबर को बाबरी मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा पकड़े देखा गया था।
2017 में, अपने 79 वें जन्मदिन पर अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए, मुलायम सिंह यादव ने कार सेवकों पर गोली चलाने के अपने आदेश को सही ठहराया। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि उन्होंने पुलिस फायरिंग में मरने वालों की संख्या को लेकर दिवंगत भाजपा नेता और देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से चर्चा की थी।
वाजपेयी ने जहां 56 मौतों का दावा किया, वहीं मुलायम सिंह यादव ने मरने वालों की संख्या 28 बताई। एक अन्य अवसर पर, मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यह गोली चलाने का एक दर्दनाक निर्णय था, लेकिन देश के हित में लिया गया था। साल 1992 में बाबरी मस्जिद गिरने के बाद मुलायम सिंह ने जनता दल (समाजवादी) से अलग होकर समाजवादी पार्टी के रूप में अपनी अलग पार्टी बनाई।
अभी पढ़ें – प्रदेश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें
न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on: