महाराष्ट्र में राज्यसभा की 7 सीटों के लिए चुनाव निर्विरोध होने की संभावना मजबूत हो गई है. कुल 7 सीटों के लिए ठीक 7 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं, जिससे मतदान की जरूरत नहीं पड़ेगी और सभी निर्विरोध निर्वाचित हो जाएंगे. यह चुनाव 16 मार्च 2026 को प्रस्तावित है, लेकिन नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही परिणाम तय माने जा रहे हैं. सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन (बीजेपी, शिवसेना-शिंदे, एनसीपी-अजित पवार गुट) को 6 सीटें मिल रही हैं, जबकि विपक्षी महा विकास आघाड़ी (MVA) को 1 सीट पर जीत मिलेगी.

सीटों का गणित: किसे कितनी मिलीं?

महाराष्ट्र में राज्यसभा की इन 7 सीटों के लिए शक्ति प्रदर्शन के बजाय राजनीतिक दलों ने आपसी समीकरणों के आधार पर उम्मीदवार उतारे थे: महायुति: 06 सीटें (बीजेपी - 4, एनसीपी (अजित पवार) - 1, शिवसेना (शिंदे) - 1)
महा विकास आघाड़ी: 01 सीट (एनसीपी - शरद चंद्र पवार)

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विजेता उम्मीदवारों की पूरी सूची

महा विकास आघाड़ी में

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शरद पवार -एनसीपी शरद चंद्र पवार पार्टी

महायुति में

बीजेपी से 4 राज्य सभा सदस्य

विनोद तावड़े -बीजेपी
रामदास आठवले बीजेपी कोटे से (आरपीआई)
माया इवनाते - बीजेपी
रामराव वड़कुते - बीजेपी
महायुति एनसीपी (अजित पवार गुट)
पार्थ पवार - एनसीएपी
महायुति (शिवसेना शिंदे )
ज्योति वाघमारे -शिवसेना (शिंदे )
महाराष्ट्र में सात राज्य सभा सीटों में 6 महायुति और 1 महा विकास आघाड़ी के हिस्से में

प्रमुख बातें: जो आपको जाननी चाहिए

शरद पवार का कद: महा विकास आघाड़ी की ओर से शरद पवार ने अपनी सीट सुरक्षित रखी है, जो विपक्ष की ओर से इकलौता चेहरा हैं।

विनोद तावड़े की वापसी: बीजेपी के कद्दावर नेता विनोद तावड़े को राज्यसभा भेजकर पार्टी ने उनके संगठनात्मक कद को और मजबूती दी है।

पार्थ पवार का डेब्यू: अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की राज्यसभा में एंट्री को एनसीपी (अजित गुट) के लिए भविष्य की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

रामदास आठवले का भरोसा: एनडीए के पुराने साथी रामदास आठवले को एक बार फिर बीजेपी कोटे से राज्यसभा का टिकट देकर गठबंधन धर्म निभाया गया है।