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घरवालों ने मरा समझ किया अंतिम सस्कार, फिर तेरहवीं के दिन घर पहुंचा ‘मृतक’, जानें क्या है पूरा मामला

MP Sheopur News : मध्य प्रदेश में एक 'मृतक' जिंदा घर लौट आया, जिसे देखकर पूरा परिवार चौंक दिया। परिजनों ने मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था और श्राद्ध का कार्यक्रम चल रहा था। आइए जानते हैं कि क्या है पूरा माजरा?

सांकेतिक तस्वीर।
Madhya Pradesh News : मध्य प्रदेश से हैरान कर देने वाला एक मामला सामने आया है। घरवालों ने मरा समझ कर जिसका अंतिम संस्कार कर दिया, वो 'मृतक' तेरहवीं के दिन घर पहुंच गया। मृतक को जिंदा देखकर पूरा परिवार हैरान रह गया। इस मामले में अब परिजनों की मुश्किल बढ़ गई है। गलत शव का अंतिम संस्कार करने पर पुलिस अब कार्रवाई करेगी। राजस्थान में काम करता था सुरेंद्र शर्मा एमपी के श्योपुर का रहने वाला मजदूर सुरेंद्र शर्मा राजस्थान के जयपुर में काम करता था। सवाई माधोपुर के सूरवाल इलाके में 26 मई को एक हादसा हुआ, जिसमें घायल एक अज्ञात व्यक्ति की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मृतक की तस्वीर जारी की। इस पर परिजनों ने सुरेंद्र के रूप में शव की पहचान की और उसे घर ले गए। इसके बाद घरवालों ने अंतिम संस्कार कर दिया। यह भी पढ़ें : 4 लाशों के टुकड़े, रेलवे ट्रैक पर बिखरे; रेल कर्मी की पत्नी और 2 मासूम बेटियों के साथ सुसाइड मृतक के असली परिवार के साथ सुरेंद्र के घर पहुंची पुलिस  तेरहवीं के दिन 9 जून को 'मृतक' सुरेंद्र शर्मा अपने घर वापस आ गया। उसे जिंदा देखकर घर वाले दंग रह गए। फिर परिवार को अहसास हुआ कि उन्होंने गलत व्यक्ति की पहचान कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों ने राजस्थान पुलिस को इस मामले की सूचना दी। पुलिस मंगलवार को मृतक के असली परिवार के साथ सुरेंद्र के घर पहुंची, जिसकी पहचान धारा सिंह के रूप में हुई है और उसकी अस्थियां एकत्र कीं। धारा सिंह के परिजनों ने अंतिम संस्कार पर आपत्ति जताई है। सुरेंद्र के बड़े भाई ने की थी शव की पहचान इसे लेकर सूरवाल थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस अब सुरेंद्र शर्मा के परिवार के खिलाफ कार्रवाई करने का विचार कर रही है। गलती के बारे में पूछे जाने पर सुरेंद्र के चाचा धर्मराज शर्मा ने कहा कि जयपुर पुलिस ने वीडियो और तस्वीरें जारी की थीं। सुरेंद्र के बड़े भाई देवेंद्र ने शव की पहचान की थी। यह भी पढ़ें : हंसते-खेलते गए थे, 13 बाराती लाश बनकर लौटे; MP के राजगढ़ में एक्सीडेंट? घायल ने सुनाई आंखोंदेखी दो महीनों से घरवालों को फोन नहीं किया था सुरेंद्र धर्मराज ने कहा कि पिछले दो महीनों से सुरेंद्र घर पर फोन नहीं कर रहा था और परिजनों को उसके ठिकाने के बारे में जानकारी नहीं थी। सूचना मिली कि हादसे में उसकी मौत हो गई है। तेरहवीं के दिन अचानक से सुरेंद्र घर आ गया।


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