हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

सालों से पढ़ा रहे 1.5 लाख शिक्षकों की नौकरी खतरे में, मध्यप्रदेश सरकार का नया फरमान

मध्यप्रदेश में सालों से स्कूलों में पढा रहे करीब डेढ़ लाख सरकारी शिक्षकों की कुर्सी अब खतरे में है. मोहन सरकार ने एक ऐसा फरमान जारी किया है, जिसने न केवल शिक्षक संगठन, बल्कि BJP सांसद से लेकर पूर्व विधायक भी मोहन सरकार के फैसले के खिलाफ उतर गए हैं. उन्होंने केंद्र से लेकर राज्य सरकार से सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका लगाने की मांग की है.

विज्ञापन

मध्यप्रदेश में सालों से पढ़ा रहे करीब डेढ़ लाख शिक्षकों की नौकरी पर संकट मंडराने लगा है. स्कूल शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने आदेश को आधार बनाकर नया निर्देश जारी किया है. इसके तहत शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों के लिए भी अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य कर दिया गया है. विभाग का स्पष्ट कहना है कि यदि कोई शिक्षक यह परीक्षा पास नहीं कर पाता है, तो उसे सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा. हैरानी की बात यह है कि इस फैसले के खिलाफ विपक्ष से ज्यादा भाजपा के अपने ही नेता मुखर हो गए हैं.

BJP सांसद और पूर्व विधायक मैदान में

नर्मदापुरम लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने एमपी के डेढ लाख शिक्षकों के पक्ष में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने पर विचार किया जाए. सांसद दर्शन ने लिखा है कि 25 साल से अधिक सेवा दे चुके शिक्षकों से पात्रता परीक्षा मांगना तर्कसंगत नहीं है. शिक्षकों की नियुक्ति राज्य सरकार के बनाए गए नियमों और वैधानिक प्रावधानों के अनुसार की गई थी. उन्होंने केंद्र से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने का आग्रह किया है.

पूर्व विधायक मुरलीधर पाटीदार की चेतावनी: सुसनेर के पूर्व बीजेपी विधायक ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर इस आदेश को तुरंत निरस्त करने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे खुद शिक्षकों के उग्र आंदोलन में शामिल होंगे.

विज्ञापन

शिक्षक संगठनों का हल्ला बोल

प्रदेश भर में शिक्षकों के बीच डर और आक्रोश का माहौल है. कटनी से लेकर भोपाल तक विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो चुका है. शासकीय शिक्षक संगठन और मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने रैलियां निकालकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपे हैं. राज्य शिक्षक संघ के अध्यक्ष जगदीश यादव का कहना है कि शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल कल बुधवार को स्कूल शिक्षा मंत्री और विभाग के अफसरों से मुलाकात करेगा, TET परीक्षा संबंधी आदेश निरस्त करने की मांग को लेकर दूसरे राज्यों की तरह सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका लगाई जाए, अगर सरकार नहीं लगाती तो राज्य शिक्षक संघ मार्च माह के अंत में पुनर्विचार याचिका लगाएगा

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola