हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

वायरल गर्ल मोनालिसा केस में बड़ा खुलासा, बर्थ सर्टिफिकेट ने किया सबको हैरान; जानें पूरा मामला

महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा के निकाह मामले में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद एमपी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है. फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले सीएमओ को हटा दिया गया है.

विज्ञापन

महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा के मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में तूल पकड़ लिया है. केरल में मुस्लिम युवक फरमान से शादी करने वाली मोनालिसा की उम्र को लेकर हुए खुलासे के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है. फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के आरोप में नगर परिषद महेश्वर के सीएमओ प्रियंक पंड्या का तत्काल प्रभाव से तबादला कर उन्हें धार जिले की धामनोद नगर परिषद भेज दिया गया है. शासन के उपसचिव प्रमोद शुक्ला ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं और नगर परिषद ने विवादित जन्म प्रमाण पत्र को भी पूरी तरह से निरस्त कर दिया है.

कैसे खुला फर्जीवाड़े का खेल?

जांच में सामने आया है कि नगर परिषद महेश्वर ने 5 जून 2025 को मोनालिसा का जो प्रमाण पत्र जारी किया था उसमें उसका जन्म साल 2008 बताया गया था. इसी दस्तावेज के आधार पर बागपत के रहने वाले फरमान खान ने मोनालिसा के साथ केरल में शादी रचाई थी. हालांकि अस्पताल के असली रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेश्वर में हुआ था. अस्पताल के रजिस्टर के अनुसार जन्म के समय बच्ची का वजन 2 किलो 100 ग्राम था और यह एक नॉर्मल डिलीवरी थी. इस हिसाब से शादी के वक्त मोनालिसा नाबालिग थी जिससे पूरा मामला कानूनी पचड़े में फंस गया है.

यह भी पढ़ें: Asha Bhosle की तबीयत अचानक बिगड़ी, मुंबई के अस्पताल में कराया गया भर्ती

विज्ञापन

‘लव जिहाद’ और षड्यंत्र का दावा

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर खरगोन-बड़वानी के सांसद गजेंद्र पटेल ने सनसनीखेज दावे करते हुए इसे ‘लव जिहाद’ का बड़ा षड्यंत्र करार दिया है. सांसद का कहना है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करना और शादी के लिए केरल जैसे दूर दराज के राज्य को चुनना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है. उन्होंने इस मामले में प्रतिबंधित संगठन पीएफआई की कार्यप्रणाली का हाथ होने की आशंका भी जताई है. मोनालिसा की मां लताबाई ने भी बयान दिया है कि वह अनपढ़ हैं और किसी अनजान शख्स ने उनकी अज्ञानता का फायदा उठाकर धोखे से कागजों पर दस्तखत करवा लिए थे.

राष्ट्रीय आयोग ने संभाला मोर्चा

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है. आयोग के निर्देश पर अब एक उच्च-स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है जो पूरे फर्जीवाड़े की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. फिलहाल प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि सीएमओ के स्तर पर यह बड़ी चूक कैसे हुई और इसके पीछे कौन-कौन से लोग शामिल थे. नगर परिषद द्वारा प्रमाण पत्र रद्द किए जाने के बाद अब फरमान और मोनालिसा की शादी की कानूनी वैधता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. पूरे इलाके में इस घटना को लेकर तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola