MP IT and Digital Innovation Policies: मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार में मध्य प्रदेश के अंदर आईटी और डिजिटल इनोवेशन के सेक्टर में तेजी से प्रगति की है। इस सेक्टर में मध्य प्रदेश हर दिन नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार द्वारा पिछले एक सालों में ज्यागा सरकारी विभागों के काम को ऑनलाइन सिस्टम पर शिफ्ट कर दिया है। इसके अलावा सरकार ने प्रदेश के नागरिकों की सुविधा के लिए ज्यादातर विभागीय सरकारी कामों को डिजिटल शिफ्ट कर दिया है। इसके लिए डिजिटल विकसित किया गया है, आज पूरे देश के मिसाल बन गया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रोनिक विकास निगम (MPSEDC) और मध्य प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (MPCST) भी डिजिटल सिस्टम के साथ अपनी काम का निर्वहन कर रहे हैं। इतना सारा काम सिर्फ पिछले एक काम में मोहन यादव सरकार के दौरान हुआ है।
MPSEDC के कई अहम कदम
MPSEDC की मॉनीटरिंग में प्रदेश ने डिजिटल टेक्नोलॉजी में कई अहम कदम उठाए हैं। इसमें संपदा 2.0 और साइबर तहसील जैसे प्लेटफॉर्म शामिल है, जिसने नागरिकों के सरकारी काम को सरल बनाया हैं। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की पहचान को भी मजबूत किया है। संपदा 2.0 के जरिए प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के प्रोसेस को डिजिटल बनाकर कई कामों का आसान किया गया। इसमें ई-रजिस्ट्रेशन, ई-स्टाम्प, स्टाम्प शुल्क की गणना और डॉक्युमेंट सर्च जैसे काम शामिल है, जिसे नागरिक घर बैठे कर सकता है। वहीं साइबर तहसील के जरिए राजस्व न्यायालयों की प्रक्रियाओं को पारदर्शी और व्यवस्थित करते हुए भ्रष्टाचार को कम करने का काम हुआ है। मोहन सरकार डिजिटल टेक्नोलॉजी के जरिए प्रदेश की जनता को सभी सरकारी सेवाएं देने की कोशिश कर रही है।
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डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा
इसके अलावा मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार द्वारा इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (IT), इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी-इनेबल सर्विस (ITES), इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन और मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) और डेटा सेंटर्स की ट्रांसफॉर्मेशनल पोटेंशियल को स्वीकार करते हुए निवेश प्रोत्साहन नीति 2023 बनाई गई है। इस नीति के तहत लॉन्ग विजन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए IT, ITES और ESDM के सेक्टर में निवेश लाया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार ने प्रदेश के युवाओं के स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट-अप नीति-2022 लागू की।
लागू हुई नई नीतियां
इसके अलावा मोहन यादव सरकार ने राज्य में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स के सेक्टर को बढ़ाने के लिए ABGC नीति-2024 की है। वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा जैसे कामों के लिए भी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति 2024 बनाई गई है।
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