Unified Pension Scheme For Central Employees: केन्द्र सरकार ने कर्मचारियों के लिए यूपीएस योजना को लागू करने की मंजूरी दे दी है। अब केन्द्र सरकार की सेवाओं में 1 अप्रैल 2025 यानी वित्त वर्ष 2026 से यूपीएस लागू किया जाएगा। मध्यप्रेदश के कर्मचारी संगठन भी प्रदेश में यूनिफाइड पेंशन स्कीम के लागू कराने पक्ष में हैं, जो कम से कम पारिवारिक पेंशन की गारंटी देती है। सरकार योजना को लागू करने से पहले वित्त विभाग से जांच कराएगी। नई पेशन स्कीम के संबंध में भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मप्र में कार्यरत केंद्रीय कर्मचारियों को नई पेंशन स्कीम का लाभ मिलेगा। यह जन्माष्टमी से पहले मोदी सरकार का कर्मचारियों को तोहफा है।
आपको बता दें, केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन योजना (UPS) को मंजूरी दी है। इसमें न्यूनतम 10 साल की सेवा के बाद प्रति माह 10,000 रुपये की पेंशन गारंटी है। योजना में फैमिली और महंगाई के हिसाब से पेंशन में बढ़ोतरी शामिल है। इस स्कीम से 23 लाख कर्मचारियों को लाभ पहुंचेगा। केन्द्र सरकार ने यूपीएस (UPS) को केन्द्रीय सेवाओं में लागू करने की मंजूरी दे दी है।
क्या है यूनिफाइड पेंशन स्कीम ?
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक नई पेंशन स्कीम है। यूपीएस के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को एक निश्चित पेंशन मिलेगी। अब तक केंद्रीय कर्मचारियों के लिए न्यू पेंशन स्कीम (NPS) का प्रावधान था, लेकिन इसमें फिक्स पेंशन नहीं मिलती थी। लेकिन अब UPS के तहत रिटायर्ड कर्मचारियों को 12 महीने की एवरेज बेसिक सैलरी का 50% निश्चित पेंशन के रूप में दी दिया जाएगा। हालांकि, ये पेंशन पाने के लिए कर्मचारियों को कम से कम 25 साल तक अपनी सेवाएं देनी होंगी। यानि जो केंद्रीय कर्मचारी 25 साल तक की नौकरी करने के बाद रिटायर हुए हैं, वे UPS पेंशन के पात्र माने जाएंगे। लेकिन अगर किसी कर्मचारी की असमय मौत हो जाती है, तो परिवार को भी एक निश्चित पेंशन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत जो कर्मचारी की मौत पर रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी को मिलने वाली पेंशन का 60 % निश्चित पेंशन के रूप में दिया जाएगा। आपको बता दें, 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।
इन कर्मचारियों को मिलेगी पेंशन
जो 25 साल के नहीं हुए हैं, क्या उन्हें पेंशन की इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा? तो आपको बता दें, UPS पेंशन योजना के तहत मिनिमम एश्योर्ड पेंशन भी दिया जाएगा। इसका मतलब है कि जो लोग 10 साल तक ही नौकरी करते हैं, तो उन्हें कम से कम 10 हजार रुपए की पेंशन दी जाएगी।
मध्यप्रदेश कर्मचारी संगठनों ने की यूपीएस के लाभ की मांग
- मध्यप्रदेश कर्मचारी संगठन प्रदेश में यूपीएस लागू कराने के पक्ष में है।
- कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मांग भी की है कि न्यू पेंशन स्कीम में प्रदेश के जो साढ़े चार लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी हैं, उन्हें इसका लाभ दिया जाए।
- मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर योजना को मध्य प्रदेश में भी लागू करने का अनुरोध किया है।
- प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि सरकार मूल वेतन का साढ़े 18% योगदान अपने खाते से जमा करेगी।
- न्यू पेंशन स्कीम के जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।
- एनपीएस के नुकसान यूपीएस में कम हुए लेकिन खत्म नहीं हुए।
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