President Draupadi Murmu Gwalior: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहली बार ग्वालियर के दौरे पर पहुंची। जहां उन्होंने सिंधिया महल यानि जयविलास पैलेस का भ्रमण किया। इसके अलावा अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान (IIITM) के दीक्षांत समारोह में भी हिस्सा लिया। ग्वालियर पहुंचने पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल और सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया।
महामहिम के लिए हुआ शाही भोज का आयोजन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ग्वालियर एयरपोर्ट से सीधे जयविलास पैलेस पहुंची। जहां केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने परिवार उनका स्वागत किया। ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी पत्नी प्रियदर्शिनी सिंधिया ने उन्हें जयविलास पैलेस और जीवाजीराव सिंधिया म्यूजियम दिखाया। महल के भ्रमण के बाद राष्ट्रपति के सम्मान में शाही भोज का आयोजन किया गया। जिसमें राज्यपाल मंगूभाई पटेल, सीएम शिवराज सिंह चौहान के अलावा कुछ चुनिंदा लोग ही शामिल हुए। इस दौरान राष्ट्रपति के लिए ओडिशा और उत्तर भारत की स्पेशल डिश सिंधिया की पत्नी ने खुद तैयार करवाई थीं।
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सिंधिया ने परोसा भोजन
वहीं जयविलास पैलेस में लंच से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजिटर बुक पर नोट लिखकर सिग्नेचर किए। इसके बाद उन्होंने भोजन किया। बता दें कि जयविलास पैलेस में बिना प्याज और बिना लहसुन का खाना तैयार करवाया गया था। जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद अपने हाथ से प्रेसिडेंट को खाना सर्व किया।
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दीक्षांत समारोह में शामिल हुई महामहिम
जयविलास पैलेस देखने को बाद राष्ट्रपति सीधी आईटीआईटीएम पहुंची जहां उन्होंने दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान महामहिम ने कहा कि ‘प्यारे बच्चों को मेरा नमस्कार, आज अटल बिहारी बाजपेई ट्रिपल आईटीएम संस्थान के बीच उपस्थित होकर बहुत अच्छा लग रहा है, आज एटोनॉमिक क्षेत्र में डॉक्टर अनिल को उपाधि से सम्मानित किया गया है। देश के इतिहास में मराठा साम्राज्य सिंधिया राजवंश की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, सिंधिया परिवार का अलग योगदान रहा है।’
ग्वालियर की तारीफ
इस दौरान राष्ट्रपति ने ग्वालियर शहर की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ‘ग्वालियर में संगीत सम्राट तानसेन की जन्मस्थली है इसे संगीतप्रेमी शहर के रूप में भी जाना जाता है। विज्ञान के क्षेत्र में ग्वालियर का अलग ही स्थान है इतिहास के पन्नों में ग्वालियर से चतुर्भुज मंदिर पर उसके दर्शन भी किए जा सकते हैं, ग्वालियर भारत रत्न श्री अटल बिहारी बाजपेई जी का स्थान है उन्होंने अपनी एक अलग ही शैली को यहां छोड़ा है, उन्होंने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी बड़े काम किए, आज टेक्नोलॉजी की मदद से बहुत से कनेक्टिविटी बढ़ गई है, विश्व में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की अलग पहचान बन रही है।’
महामहिम ने कहा कि ‘उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे सभी विद्यार्थियों से अपील है कि सभी समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व को समझें, मध्यप्रदेश में पिछली यात्रा के दौरान पैसा का शुभारंभ करने का मौका मिला था जो आज जनजाति है लोगों के लिए लागू किया गया है, जनजातियों की सबसे बड़ी आबादी मध्यप्रदेश में है जनजाति गौरव दिवस मनाने की शुरुआत भी देश के अंदर मध्यप्रदेश ने की है।’
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