मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है. सोमवार से ही इंटर्न डॉक्टर्स अपनी मांगो को लेकर सड़क पर चक्का जाम किए हुए हैं, ये सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा. धरना प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर्स गांधी मेडिकल कॉलेज से ताल्लुक रखते हैं, उनकी मांग है कि राज्य सरकार स्टाइपेंड बढ़ाए. डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उन्हें लिखित में आश्वासन नहीं मिल जाता, उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा. मंगलवार देर रात इंटर्न डॉक्टरों के प्रदर्शन के चलते शहर के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा.

अभी कितना मिलता है इंटर्न डॉक्टरों को स्टाइपेंड?

इंटर्न डॉक्टरों की सबसे बड़ी मांग उनकी मंथली स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की है. उनका कहना है कि वर्तमान में उन्हें हर महीने करीब 14 हजार रुपये स्टाइपेंड मिलता है, जिसे बढ़ाकर 30 हजार रुपये किया जाना चाहिए. बीते सोमवार को अपनी मांग को लेकर प्रदर्शनकारी पहले गांधी मेडिकल कॉलेज परिसर में जुटे. इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास की ओर कूच करने की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया. प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया.

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सड़क पर लगा 4 किलोमीटर लंबा जाम

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव उस समय आधिकारिक दौरे पर यूएई में थे. पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने किलोल पार्क के पास धरना शुरू कर दिया. यह इलाका पुराने और नए भोपाल को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क पर स्थित है. शाम करीब 5 बजे ऑफिसों से लौटने वाले लोगों की संख्या बढ़ने के साथ ही यहां ट्रैफिक बढ़ गया. रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ समय बाद जाम करीब 4 किलोमीटर तक फैल गया. मुख्य मार्ग के अलावा डाइवर्जन वाली सड़कों पर भी भारी जाम लग गया.

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