Indore Road Collapses During Pipeline Test: इंदौर में तकरीबन 40 करोड़ रुपये की लागत से बनी एक सड़क तब धंस गई, जब शहर में 24 घंटे पानी की सप्लाई के लिए नई लगाई गई पाइपलाइन का टेस्ट किया जा रहा था. ये सड़क करीब 3 साल पहले स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनाई गई थी. ये घटना CCTV में कैद हो गई और इसका फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया. वीडियो में सड़क की सतह पर दरारें पड़ते और टूटते हुए देखा जा सकता है, क्योंकि टूटे हुए हिस्से से पानी जोर से बाहर निकलने लगा था.

रोड कंस्ट्रक्शन पर उठे सवाल

सड़क के अचानक धंसने के बाद आस-पास मौजूद लोग और गाड़ियां तेजी से दूर हटते हुए दिखाई दिए, जिससे लोगों की सेफ्टी को लेकर चिंता बढ़ गई है. इस घटना ने सड़क बनाने की क्वालिटी और इसके कंस्ट्रक्शन में इस्तेमाल किए गए इंजीनियरिंग स्टैंडर्ड्स पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. सवाल उठ रहे हैं कि अगर पाइपलाइन के प्रेशर टेस्ट के दौरान ही सड़क को इतना नुकसान पहुंचा है, तो भारी बारिश, लगातार ट्रैफ़िक और भविष्य में जमीन के नीचे होने वाले यूटिलिटी के कामों को ये स्ट्रक्चर कैसे झेल पाएगा.

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जांच की मांग तेज

इंदौर नगर निगम के सदस्य और इंफॉर्मेशन कमेटी के हेड राजेंद्र राठौर ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी इनिशिएटिव के तहत पूरे किए गए कई प्रोजेक्ट्स, जिनकी कुल कीमत तकरीबन 1,000 करोड़ रुपये है, इसके निर्माण स्टैंडर्ड्स को लेकर चिंताएं रही हैं. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहले भी तत्कालीन मेयर और नगर निगम कमिश्नर का ध्यान ऐसे मुद्दों की ओर दिलाया था, लेकिन कार्रवाई सिर्फ नोटिस जारी करने तक ही सीमित रही. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि काफी नई होने के बावजूद इस सड़क की कई बार मरम्मत की जा चुकी है.

राजेंद्र राठौर ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पीएम ऑफिस, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव और शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से संपर्क किया है. अब एक टेक्निकल असेसमेंट से ये पता लगाने की उम्मीद है कि नुकसान कितना हुआ है और सड़क का धंसना पाइपलाइन टेस्टिंग, निर्माण में कमियों या अन्य इंजीनियरिंग कारणों से हुआ है.

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