Atiq Ahmed Thanks Media: गैंगस्टर अतीक अहमद ने बुधवार को साबरमती जेल से प्रयागराज ले जाते समय मीडिया को धन्यवाद दिया और कहा कि वह मीडिया की वजह से सुरक्षित है। बता दें कि अतीक अहमद प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड का आरोपी है।
मीडिया की ओर से यह पूछे जाने पर कि क्या वो डरा हुआ है? अतीक ने जवाब दिया, “आप लोगों का शुक्रिया (आप सभी का धन्यवाद)।” गैंगस्टर ने कहा, “यह आपकी (मीडिया) वजह से है कि मैं सुरक्षित हूं।”
और पढ़िए – UP News: अतीक अहमद की बढ़ी मुश्किलें; एक करोड़ की रंगदारी का दर्ज हुआ मुकदमा
गैंगस्टर से उसके परिवार के ठिकाने और उमेश पाल हत्याकांड में उसकी संलिप्तता के बारे में भी पूछा गया, जिस पर उसने कहा, “मेरा परिवार बर्बाद हो गया है … मैं जेल में था, मुझे इसके (उमेश पाल हत्याकांड) बारे में क्या पता चलेगा?
बता दें कि अतीक अहमद को हत्या के एक मामले में कोर्ट की सहमति के बाद पेशी वारंट के तहत कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच बुधवार को साबरमती जेल से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ले जाया जा रहा है।
अतीक के भाई को भी बरेली जेल से लाएगी पुलिस
अतीक के भाई अशरफ को भी इसी मामले में पेशी के लिए पुलिस बरेली से प्रयागराज लाएगी। बता दें कि अतीक और अशरफ की आज CJM कोर्ट में पेश किया जा सकता है। कहा जा रहा है कि पेशी के दौरान पुलिस वारंट बी के तहत कोर्ट में रिमांड अर्जी के तहत पूछताछ के लिए दोनों की रिमांड मांगेगी। पुलिस ने अतीक से पूछताछ के लिए MP-MLA कोर्ट में एक हफ्ते पहले वारंट-B के तहत अर्जी दी थी।
क्या होता है वारंट B?
बता दें कि वारंट बी किसी भी जेल में बंद आरोपी के लिए जारी किया जाता है। किसी मामले में जांच पड़ताल और पूछताछ के लिए जांच अधिकारी कोर्ट को बताता है कि जेल में पहले से बंद आरोपी को दोबारा आरोपी बनाया गया है, तब कोर्ट वारंट बी जारी करता है।
26 मार्च को भी अतीक को लाया गया था प्रयागराज
अतीक अहमद को इससे पहले 26 मार्च को अहमदाबाद से प्रयागराज लाया गया था। 26 मार्च को साबरमती जेल से रवाना हुई एसटीएफ की टीम 27 मार्च को शाम 5:30 बजे अतीक को लेकर प्रयागराज की नैनी जेल पहुंची थी। 1300 किलोमीटर के सफर को 23 घंटे 45 मिनट में पूरा किया था। इस दौरान अतीक को ला रहे पुलिस का काफिला 8 जगह रुका था।
अतीक 2006 के अपहरण मामले में दोषी करार
एमपी-एमएलए कोर्ट ने 28 मार्च को गैंगस्टर-राजनेता अतीक अहमद और दो अन्य को 2006 के उमेश पाल अपहरण मामले में दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अहमद के भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ और छह अन्य को मामले में बरी कर दिया गया था।
अहमद जून 2019 से साबरमती जेल में बंद है। उस साल अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि यूपी के फूलपुर के पूर्व सांसद को गुजरात में एक उच्च सुरक्षा वाले जेल में स्थानांतरित कर दिया जाए।
अतीक के खिलाफ दर्ज हैं 100 से अधिक मामले
बता दें कि समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक का नाम 100 से अधिक आपराधिक मामलों में दर्ज है और हाल ही में उसे 2006 के बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के एक प्रमुख गवाह उमेश पाल की हत्या के आरोपी के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।
उमेश पाल की 24 फरवरी को उनके प्रयागराज घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ पर जेल में रहते हुए उमेश पाल को मारने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया था।
संबंधित खबरें
'जुल्म की इन्तेहा...', शिवराज सिंह चौहान क्यों भावुक होकर धरने पर बैठे?
2 days ago'बंधक बनाना गलत...', CJP प्रदर्शन में जा रहे युवाओं की हिरासत पर HC सख्त
4 days agoमध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण को झटका, 14% रिजर्वेशन ही रहेगा लागू
5 days ago'5 बच्चे पैदा करें और हथियार रखें', BJP सांसद का हिंदुओं पर विवादित बयान
10 days agoसिर्फ सैलरी से तय नहीं होगी OBC क्रीमी लेयर, हाईकोर्ट ने की अहम टिप्पणी
13 days agoगधे के नाम पर जारी हुआ नर्सिंग सर्टिफिकेट, NSUI ने सिस्टम पर उठाए सवाल
14 days agoउज्जैन मस्जिद मामले में कैसे भड़की हिंसा? 20 आरोपियों में 5 कंटेंट क्रिएटर
15 days agoउज्जैन की शाही मस्जिद पर हाईकोर्ट का फैसला, तोड़फोड़ पर रोक लगाने से इनकार
16 days agoउज्जैन में मस्जिद तोड़ने पर बवाल, भीड़ का पथराव; छोड़े गए आंसू गैस के गोले
16 days agoMP के मुख्यमंत्री मोहन यादव के पैतृक घर पर आज चलेगा बुलडोजर
17 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines