वहीं, 2018 विधानसभा चुनाव की बात करें तो, कृष्णा गौर ने 46,359 वोटों से जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में कृष्णा गौर को 1,25,487 वोट मिले थे वहीं, उनको चुनौती दे रहे कांग्रेस के गिरीश शर्मा को 79128 वोट मिले थे। गोविंदपुरा विधानसभा सीट भोपाल की सबसे बड़ी सीट है। इस सीट पर कुल वोटरों की संख्या है 3,77,844 है, जिसमें से 1,97,438 पुरुष हैं और 1,80,391 महिला हैं तथा वर्ष 1972 के बाद से 43 सालों तक इस सीट पर बीजेपी का कब्जा रहा है।
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भोपाल की पहली महिला विधायक
वहीं, इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर इस सीट से आठ बार चुनाव जीतने का इतिहास बना चुके हैं और अब उनकी बहू कृष्णा गौर इसी सीट से विधायक हैं। इसीलिए इस सीट को भाजपा और गौर परिवार का गढ़ माना जाता है और यहां से उन्हें चुनावी जीत मिलनी निश्चित ही मानी जाती है। वहीं, वर्तमान विधायक कृष्णा गौर, भोपाल की पहली महिला विधायक भी हैं। इससे पहले वे भोपाल की महापौर रह चुकी हैं। कृष्णा गौर ने इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से एमए किया है।
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गोविंदपुरा विधानसभा सीट की अर्थव्यवस्था सर्विस क्लास लोगों और उद्योगों के कर्मचारियों पर आधारित है। इसके अलावा यहां पर बीएचईएल, आईटीआई, और अन्य उद्योगों का हब है, जिसके लिए इसे उद्योगी सीट भी कहा जाता है।