दिव्यांग एथलीटों के लिए देशभर में कार्य करने वाली पैरा कराटे फेडरेशन ऑफ इंडिया (PKFI) ने डॉ. पंकज शुक्ला को फेडरेशन का चेयरमैन नियुक्त किया है. डॉ. पंकज शुक्ला वर्तमान में कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया (KAI) के उपाध्यक्ष, GRAMYA के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक तथा Association for Sustainable Rural Empowerment (ASRE) के अध्यक्ष भी हैं. खेल, ग्रामीण विकास, युवा सशक्तिकरण एवं सामाजिक क्षेत्र में उनके नेतृत्व और अनुभव से भारत में पैरा कराटे के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है. डॉ शुक्ला को मिली इस जिम्मेदारी से भारत में पैरा कराटे के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने तथा देशभर में एक व्यवस्थित, समावेशी और खिलाड़ी-केंद्रित व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.
पैरा कराटे फेडरेशन ऑफ इंडिया (PKFI) भारत में पैरा कराटे की राष्ट्रीय शासी संस्था (National Governing Body) है, जो देशभर में पैरा कराटे के प्रचार-प्रसार, विकास एवं व्यवस्थित विस्तार तथा पैरा एथलीट्स के सशक्तिकरण के लिए कार्यरत है.
फेडरेशन पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) से संबद्ध है तथा फेडरेशन के अनुसार इसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर International Paralympic Committee (IPC), Germany; IWAS, UK; Asian Paralympic Committee (APC); तथा UAE की संबंधित Para-sport संस्था के साथ संबद्धता/सदस्यता है.
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फेडरेशन के चेयरमैन बनने पर डॉ. पंकज शुक्ला ने कहा कि ये दायित्व मेरे लिए सम्मान के साथ साथ जिम्मेदारी है क्योकि पैरा कराटे केवल एक खेल नहीं, बल्कि पैरा एथलीट्स के आत्मविश्वास, सम्मान, समावेश और सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम है. सबसे पहले हमारी प्राथमिकता फेडरेशन के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना होगी. शीघ्र ही Annual General Meeting (AGM) आयोजित की जाएगी, जिसमें National Executive का गठन किया जाएगा और फेडरेशन की आगामी गतिविधियों, प्राथमिकताओं तथा भविष्य की कार्ययोजना की रूपरेखा पर चर्चा कर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा.”
“हम देश के प्रत्येक राज्य में मौजूद पैरा कराटे एथलीट्स का व्यापक राज्यवार डेटा तैयार करेंगे. हमें यह जानना आवश्यक है कि हमारे खिलाड़ी कहां हैं, प्रत्येक राज्य में कितनी प्रतिभा उपलब्ध है और खिलाड़ियों की आवश्यकताएं क्या हैं. यही जानकारी भविष्य की हमारी व्यवस्थित योजना का आधार बनेगी.”
“राज्यवार प्रतिभाओं और खिलाड़ियों के आकलन के आधार पर चैंपियनशिप, प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों की व्यवस्थित योजना तैयार की जाएगी, ताकि देश के प्रत्येक राज्य के पैरा एथलीट्स को प्रशिक्षण, प्रतियोगिता और आगे बढ़ने के उचित अवसर मिल सकें.”
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“हमारा उद्देश्य पैरा एथलीट्स का समग्र विकास है. गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, प्रतिभा पहचान, कोचिंग, प्रतियोगिता का अनुभव, खेल सुविधाएं, शिक्षा, रोजगार के अवसर, स्वास्थ्य, सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे विषयों पर भी हम काम करेंगे.”
“हम विशेष रूप से जमीनी स्तर की प्रतिभाओं की पहचान पर ध्यान देंगे. ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे शहरों और जिलों में अनेक प्रतिभाशाली पैरा एथलीट मौजूद हैं, जिन्हें उचित अवसर और मंच नहीं मिल पाया है. हमारा प्रयास ऐसी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें संगठित खेल व्यवस्था से जोड़ना होगा.” “हर पैरा एथलीट को सहानुभूति नहीं, अवसर चाहिए. हमारी जिम्मेदारी ऐसी व्यवस्था तैयार करना है,
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