Datia By Election: मध्य प्रदेश की हाईप्रोफाइल दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव को लेकर राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होना है, लेकिन उससे पहले ही दांव-पेच और राजनीतिक उलटफेर का दौर शुरू हो चुका है। एक तरफ कांग्रेस ने अपने पत्ते खोलते हुए दतिया राजघराने से ताल्लुक रखने वाले 72 वर्षीय वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है, तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा को शिवसेना (UBT) से मिला एक ऑफर चर्चा का विषय बन गया है।

कांग्रेस ने पुराने दिग्गज पर खेला दांव

दतिया में कांग्रेस ने अपने पूर्व जिला अध्यक्ष और तीन बार के विधायक रह चुके घनश्याम सिंह पर दोबारा भरोसा जताया है। घनश्याम सिंह दतिया और सेवढ़ा सीट से विधायक रह चुके हैं। उनके पिता महाराज कृष्ण सिंह जू देव भी 1984 में कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए थे। टिकट मिलने के बाद घनश्याम सिंह ने कहा कि वे क्षेत्र के विकास और दतिया में फैली बदले की राजनीति व जातिवाद को खत्म करने के मुद्दे पर चुनाव मैदान में उतर रहे हैं।

नरोत्तम का टिकट कटा, सेना (UBT) ने दिया ऑफर

दूसरी तरफ, बीजेपी ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी बनाया है। इस फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में भारी आक्रोश देखा गया, जिन्होंने सड़क पर उतरकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के इस कदम के बीच उद्धव ठाकरे की अगुआई वाली शिवसेना (UBT) ने बड़ा दांव खेलते हुए नरोत्तम मिश्रा को अपनी पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ने का खुला न्योता दे दिया है। शिवसेना (UBT) के मध्य प्रदेश प्रभारी सुनील शर्मा ने कहा कि अगर मिश्रा यह प्रस्ताव स्वीकार करते हैं, तो खुद उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे उनके प्रचार के लिए मध्य प्रदेश आएंगे।

क्यों हो रहा है उपचुनाव?

2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को हराया था। हालांकि, बाद में धोखाधड़ी के एक मामले में 3 साल की सजा मिलने के कारण राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द कर दी गई, जिसके बाद यह सीट खाली हो गई। फिलहाल, बीजेपी के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उम्मीदवार बदलने की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया है। दतिया में 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे और 3 अगस्त को नतीजे आएंगे।