कांग्रेस विधायक ने RSS को लेकर विवादित बयान दिया है। जिस मंच से कांग्रेस विधायक ने बयान दिया, वहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार मौजूद थे। कांग्रेस नेता के बयान पर बीजेपी भड़क गई और जवाबी हमला बोला है। विधायक साहब सिंह गुर्जर ने मंच से कहा कि जो मर्द थे वो जंग में गए, जो हिजड़े थे, वो संघ में गए।
“जो मर्द थे वो जंग में गए और जो हिजड़े थे…”
दरअसल, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर हुई FIR के खिलाफ दिग्विजय सिंह, उमंग सिंघार समेत मध्य प्रदेश कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता अशोकनगर में आयोजित न्याय सत्याग्रह में शामिल हुए थे। लेकिन इसी बीच ग्वालियर ग्रामीण कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर ने मंच से संघ को लेकर जो बयान दिया, उससे विवाद खड़ा हो गया है। साहब सिंह गुर्जर ने कहा, “जो मर्द थे वो जंग में गए और जो हिजड़े थे, वो संघ में गए। समझ गए न, इशारा ही काफी है।”
“पहले चोरी, फिर ऊपर से सीनाजोरी?”
कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर के संघ पर दिए बयान पर विवाद हो गया है। सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस का अशोकनगर का प्रदर्शन फूहड़ता और गुटबाजी का प्रबल उदाहरण था। पहले चोरी, फिर ऊपर से सीनाजोरी? खुद गलती करो, फिर अपनी गलती छुपाने के लिए कानून और संविधान को नीचा दिखाओ। उससे भी ज्यादा निंदनीय काम कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर ने किया है। क्या कांग्रेस विधायक प्रदर्शन में शामिल न होने वाले कांग्रेस नेता कमलनाथ, अजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को हिजड़ा कह रहे हैं? जिस मंच पर दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी बैठे हों, उस मंच से प्रदर्शन में शामिल न होने वाले नेताओं को ‘हिजड़ा’ कहना असंवैधानिक है?
विश्वास सारंग ने कहा कि यह थर्ड जेंडर और महिलाओं का अपमान है। कांग्रेस विधायक का बयान बेहद निंदनीय है, यह बयान सिद्ध करता है कि गुट और गिरोह में बंटी कांग्रेस अराजकता फैला रही है। इससे पहले ‘न्याय सत्याग्रह’ के लिए अलग-अलग जिलों से अशोकनगर पहुंचे कांग्रेस विधायकों और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के काफिले को पुलिस ने जगह-जगह चेकिंग के लिए रोका। इस दौरान पुलिस के साथ काफी बहस भी हुई। अशोकनगर में न्याय सत्याग्रह के मंच से नेताओं ने सरकार को घेरा। बाद में पुलिस प्रशासन ने मंच से ही गिरफ्तारी और फिर रिहाई की औपचारिकता पूरी की।
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अशोकनगर में ‘न्याय सत्याग्रह’ इसलिए हुआ क्योंकि कुछ दिन पहले अशोकनगर निवासी गजराज लोधी ने बीजेपी कार्यकर्ता पर मारपीट करने और मैला खिलाने का आरोप लगाया था। 25 जून को जीतू पटवारी ओरछा दौरे पर थे, तब युवक ने उनसे मिलकर इस मामले की शिकायत की थी। लेकिन बाद में गजराज ने पटवारी पर आरोप लगाया कि उन्होंने बहकाकर बीजेपी कार्यकर्ता के खिलाफ शिकायत करवाई थी। इसके बाद मुंगावली पुलिस ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली थी। जिसके विरोध में यह ‘न्याय सत्याग्रह’ किया गया और मध्य प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में अशोकनगर में सामूहिक गिरफ्तारी देने पहुंचे थे।
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