MP Politics: मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों में एक खबर ने चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया। बताया जा रहा है कि कमलनाथ 2023 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जिससे प्रदेश सियासी पारा गर्मा गया। वहीं कमलनाथ के चुनाव नहीं लड़ने वाले बयान पर अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
कांग्रेस में गदर मचा हुआ हैः सीएम शिवराज
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से जब कमलनाथ के विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने वाले बयान पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि 'कांग्रेस में गदर मचा हुआ है। मुख्यमंत्री, भूतपूर्व तो हमने सुना था यह भावी, अवश्यंभावी मुख्यमंत्री क्या होता है? कमलनाथ जी कह रहे हैं कि मैं चुनाव नहीं लडूंगा। लेकिन उनकी आईटी सेल खण्डन कर कह रही है कि आपके बिना यह दुनिया और कांग्रेस चल ही नहीं सकती।'
सीएम शिवराज ने कहा कि 'कांग्रेस केवल सत्ता के लिए राजनीति करती चली आई है। कांग्रेस ने सहायक कृषि आधारित उद्योग जैसे पशुपालन, डेयरी उद्योग, कुक्कुट पालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी के लाभ के लिए किसानों को रियायती दरों पर बैंक से ऋण देने का वचन किया था। कमलनाथ जी बताएं सवा साल में क्या किया?' बता दें कि सीएम शिवराज और पूर्व सीएम कमलनाथ में इन दिनों जमकर सियासी बयानबाजी देखी जा रही है।
कमलनाथ ने दिया था चुनाव लड़ने का वाला बयान
दरअसल, पूर्व सीएम कमलनाथ ने राजधानी भोपाल में अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा था कि 'वे अगला चुनाव नहीं लड़ेंगे। मैं एक सीट पर नहीं फंसना चाहता, मुझे सभी 230 सीटें देखना हैं।' हालांकि जैसे ही कमलनाथ का यह बयान चर्चा में आया तो कांग्रेस ने इसका खंडन भी किया, कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि पार्टी की ओर से अधिकृत रूप से कहा गया कि नाथ ने आगामी चुनाव नहीं लड़ने के विषय में कोई घोषणा नहीं की है, सोशल मीडिया पर जो भी खबरें चल रही हैं वह भ्रामक हैं।
कमलनाथ ने लड़ा था उपचुनाव
बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव के समय कमलनाथ ने चुनाव नहीं लड़ा था। बाद में जब वह मुख्यमंत्री चुने गए थे। तो उन्होंने छिंदवाड़ा से विधानसभा का उपचुनाव लड़ा था। तब छिंदवाड़ा के कांग्रेस विधायक दीपक सक्सेना ने इस्तीफा देकर कमलनाथ के लिए अपनी सीट खाली कर दी थी। जहां से चुनाव जीतकर कमलनाथ विधायक बने थे।