Bajrang Dal Assaulted Betul Man Video Viral: हाथ जोड़े, पैर पकड़े, रोया-गिड़गिड़ाया, छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन उन लोगों को रहम नहीं आया। वे उसे पीटते रहे। मुर्गा बनने पर मजबूर किया। विरोध करने पर मुंह पर इतने थप्पड़ मारे की खून तक निकलने लगा। कभी सिर में मारते, कभी मुंह पर तो कभी धक्का देकर गिरा देते। इतना ही नहीं बेरहमी से पीटने और बेइज्जत करने का वीडियो बना लिया, जो वायरल हुआ और उसे देखकर पुलिस ने संज्ञान लिया।
कांग्रेस के पूर्व विधायक लेकर आए थाने
घटना मध्य प्रदेश के भोपाल जिले की है। पीड़ित बैतूल की आदिवासी जाति से संबंध रखता है, जो पुलिस के तलाशने पर नहीं मिला, लेकिन कांग्रेस के पूर्व विधायक निलय डागा उसे लेकर थाने पहुंचे तो पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज कर ली। आरोप बजरंग दल नेता चंचल सिंह राजपूत पर लगे हैं, जो अभी फरार है। पीड़िता का नाम राजू उइके है, जो इस तरह बेइज्जत किए जाने से काफी सदमे में है। चंचल राजपूत और उसके 3 साथियों द्वारा उसे जातिसूचक गालियां भी दी गई थीं।
पीड़ित ने पुलिस को सुनाई आपबीती
पुलिस को दी शिकायत में राजू उइके ने अपने साथ हुई घटना के बारे में विस्तार से लिखा। राजू ने बताया कि वह बैतूल के गांधी वार्ड में रहता है और DJ प्लेयर है। शनिवार रात को वह काम से घर लौट रहा था कि चंचल सिंह और उसके साथियों ने रास्त रोक लिया। वे उसे स्कॉर्पियो में बैठाकर ले गए। सुभाष स्कूल के पास सुनसान एरिया में उन्होंने मोबाइल छीन लिया और गालियां निकालने लगे। मारपीट करते हुए उन्होंने मुर्गा बनाकर उसका वीडियो बना लिया। उन्होंने खूब मारा पीटा।
सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया वीडियो
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2 मिनट 42 सेकेंड का वीडियो मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने X अकाउंट पर शेयर किया और लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिन में मध्य प्रदेश के आदिवासियों का उत्थान और सम्मान करने की बात कहते हैं, रात में बजरंग दल के मेंबर्स एक आदिवासी के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी तो चले गए, लेकिन लोग अपनी आंखों से देखें भाजपा के आदिवासी सम्मान-उत्थान का सच। अरे, इतना अत्याचार भी मत करो कि न्याय से विश्वास उठ जाए।
ट्वीट में पुलिस को टैग किया गया
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जीतू पटवारी ने ट्वीट में मध्य प्रदेश पुलिस को टैग किया था, जिस पर एक्शन लेते हुए बैतूल के पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धार्थ चौधरी ने IPC की धारा 365, 323, 294, 506 और एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया।