झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए छात्रों का आंदोलन बहुत तेज हो गया है. अपनी मांगों को लेकर पांच प्रमुख अभ्यर्थियों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. ये सभी छात्र स्टेडियम में बने विरोध शिविर में डटे हुए हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक राज्य सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती और उन्हें लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. छात्रों ने साफ किया है कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल या मुख्यमंत्री से नहीं है. उनकी यह जंग उस पूरी खराब व्यवस्था के खिलाफ है जो युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है.
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भूख हड़ताल पर बैठे छात्र कौन हैं?
भूख हड़ताल का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं. वे 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं. विरोध के दौरान उनका स्वास्थ्य भी बिगड़ा था. उनके साथ 40 साल के राहुल क्रांति कुमार भी बैठे हैं, जो 20 साल से तैयारी कर रहे हैं और 172 नंबर लाने के बाद भी चयन से बाहर हो गए. इसके अलावा रांची की हबीबा भी 10 दिनों तक सरकार से कोई जवाब न मिलने पर भूख हड़ताल में शामिल हुईं. उनका कहना है कि सरकार के ढुलमुल रवैये ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया है.
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भविष्य पर मंडराते खतरे का विरोध
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में शामिल रूपेश और सविता कुमारी भी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं. रूपेश का कहना है कि बार-बार पेपर लीक होने से युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है. वहीं सविता कुमारी उन तमाम महिला अभ्यर्थियों की आवाज बनी हैं जो पारिवारिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करके पढ़ाई करती हैं. उनका मानना है कि सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार ने हजारों छात्रों की सालों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. ये सभी अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहे हैं. सरकार से मांग की जा रही है कि वह तुरंत इस मामले में ठोस कदम उठाए.
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