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सोरेन सरकार ने छात्रों से क्या कहा? क्या-क्या किए वादे; जानें-किस मांग पर अड़े हैं प्रदर्शनकारी

JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन के बीच झारखंड की सोरेन सरकार ने छात्रों के सामने बड़ा प्रस्ताव रखा है. 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने से लेकर CID और ED जांच तक, सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं. जानें छात्रों से क्या-क्या वादे किए हैं. किस मांग पर अड़े हैं प्रदर्शनकारी?

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झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र मामले की जांच सीबीआई से कराने की अपनी मांग पर रविवार को अड़े रहे, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच रविवार को आयोजित छठे दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। अधिकारियों के JPSC और CJL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग को छोड़कर प्रदर्शनकारियों की 98 फीसदी मांगें मान लेने का दावा करने के बावजूद दोनों पक्षों के बीच गतिरोध दूर नहीं हो सका।

झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि बातचीत में मुख्य रूप से तीन मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें निष्पक्ष जांच, संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करना और सिस्टम में सुधार. मंत्री सुदिव्य कुमार ने साफ किया कि 14वीं JPSC परीक्षा में धांधली के संकेत मिलते ही राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई की. छापेमारी कर डिजिटल और दस्तावेजी सबूत जब्त किए गए, आरोपियों को जेल भेजा गया और JPSC अध्यक्ष व सदस्यों ने भी इस्तीफा दे दिया.

क्या-क्या किए वादे?

झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने जांच प्रक्रिया स्पष्ट की.उन्होंने कहा कि आपराधिक साजिश की जांच राज्य की CID करेगी जो 90 दिनों में फास्ट्रैक कोर्ट के जरिए जांच पूरी करेगी. वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए ED को औपचारिक अनुरोध भेजा जा रहा है. 14वीं JPSC परीक्षा के साथ-साथ ‘बैकलॉग 23’ और ‘बैकलॉग 25’ परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है. एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की विस्तृत जांच होगी और गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, इसलिए अभ्यर्थियों को सरकार का यह प्रस्ताव स्वीकार कर लेना चाहिए.

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CGL परीक्षा को लेकर सरकार का रुख

छात्राओं ने बातचीत के दौरान JSSC CGL परीक्षा को भी रद्द करने की मांग उठाई. इस पर सरकार ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि चूंकि पूरी भर्ती प्रक्रिया हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई है, इसलिए इसे सीधे रद्द करना संभव नहीं है. हालांकि, सरकार ने भरोसा दिलाया कि CGL जांच प्रक्रिया की निगरानी हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी. CBI जांच की मांग पर मंत्री ने तर्क दिया कि पहली और दूसरी JPSC की CBI जांच 20 साल बाद भी पेंडिंग है, इसलिए CID की तेज जांच ही छात्रों के हित में है.

प्रदर्शनकारी छात्रों ने तिरंगा लेकर मशाल जुलूस निकाला

जानें-किस मांग पर अड़े हैं प्रदर्शनकारी

JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन का आज 15वां दिन है, जिसमें कई छात्र भूख हड़ताल पर हैं. आयोग के 3 सदस्यों के इस्तीफे पर प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी अर्चना कुमारी ने कहा कि केवल इस्तीफा दे देने से अफसरों की जवाबदेही खत्म नहीं हो जाती. उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों के कार्यकाल में हुई गड़बड़ियों से ईमानदार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है. अर्चना कुमारी ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई और सजा तय की जाए.

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JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी अनीश फातिमा ने कहा कि यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि आयोग में वाकई बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई थीं. उन्होंने कहा कि सीआईडी जांच के डर से ही अधिकारी इस्तीफे दे रहे हैं. अनीश फातिमा ने आरोप लगाया कि सीआईडी जांच में सिर्फ ‘छोटे लोगों’ का ही पर्दाफाश हो रहा है, जबकि मामले में शामिल ‘बड़ी मछलियों’ को बेनकाब करने के लिए सीबीआई जांच ही एकमात्र रास्ता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अभ्यर्थी व्यवस्था में सुधार की लड़ाई लड़ रहे हैं, इसलिए सीबीआई जांच की मांग पर अडिग रहेंगे.

छात्र नेता राजेश प्रसाद ने JSSC CGL परीक्षा को तुरंत रद्द करने और मामले की CBI जांच कराने की पुरजोर मांग की है. उन्होंने कहा कि यह बहुसंख्यक छात्रों की प्राथमिक मांग है. राजेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि जेपीएससी ने नियमों का उल्लंघन कर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया है, जिससे अभ्यर्थी महज 0.255 अंकों से बाहर हो गए. उन्होंने बताया कि छात्र साल भर से RTI और अदालतों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें कॉपियां नहीं दिखाई जा रही हैं. उन्होंने आयोग से 24 घंटे के भीतर भौतिक उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने की मांग की है.

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‘विधानसभा घेराव’ को लेकर रांची पुलिस पूरी तरह सतर्क

JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के सोमवार 10 अगस्त को प्रस्तावित ‘विधानसभा घेराव’ को लेकर रांची पुलिस पूरी तरह सतर्क है. झारखंड CID के ADG मनोज कौशिक ने बताया कि व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और छात्रों की सुरक्षा प्राथमिकता है. उन्होंने अभ्यर्थियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की. ADG ने बताया कि मामले में अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अहम डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं. निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के तहत औपचारिक नोटिस जारी किए गए हैं और उपस्थित होने वाले व्यक्तियों से गहन पूछताछ की जाएगी.
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों ने तिरंगा लेकर मशाल जुलूस निकाला.

पेंटबॉल गन का होगा इस्तेमाल, SP पारस राणा ने दी चेतावनी

सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा तो किसी छात्र को असुविधा नहीं होगी, लेकिन हिंसा पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सोशल मीडिया पर वायरल गन के दावों का खंडन करते हुए SP राणा ने कहा कि यह पेलेट गन नहीं, बल्कि पेंटबॉल गन है. यह सॉफ्ट कलर गोलियों से उपद्रवियों की पहचान व मार्किंग के लिए केवल आपात स्थिति में उपयोग की जाएगी.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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