Jharkhand Viral Video: झारखंड के गढ़वा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने चुनाव आयोग के विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिले के रंका प्रखंड की खाप्रो पंचायत के गोरयाबांध टोला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) पर वोटर वेरिफिकेशन फॉर्म भरने और जमा करने के एवज में ग्रामीणों से 'खर्चा-पानी' के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगा है.
नागरिकता छीनने की धमकी देने का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बीएलओ जमीला बीबी द्वारा फॉर्म भरने के लिए 50 से 100 रुपये की मांग की जा रही है, जबकि चुनाव आयोग की यह प्रक्रिया पूरी तरह से मुफ्त है. ग्रामीणों के अनुसार, जब किसी ने इस वसूली का विरोध किया या पैसे देने से मना किया, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई. स्थानीय निवासी मोहम्मद परवेज अंसारी ने दावा किया कि पैसे न देने पर ग्रामीणों को डराया जा रहा है और कहा जा रहा है कि 'तुम्हारी नागरिकता छीन ली जाएगी.' इस डर के कारण कई ग्रामीण फॉर्म भरने के बावजूद उसे जमा करने से कतरा रहे हैं.
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आरोपी बीएलओ ने आरोपों को बताया साजिश
दूसरी ओर, आरोपी बीएलओ जमीला बीबी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने इसे अपनी छवि खराब करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है. जमीला बीबी का कहना है कि वे अब तक लगभग 170 फॉर्म बिना किसी लेन-देन के प्रोसेस कर चुकी हैं और कोई भी उनके काम की जांच कर सकता है. उन्होंने दावा किया कि किसी भी ग्रामीण से एक भी रुपया नहीं मांगा गया है.
प्रशासन की जांच का इंतजार
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से इलाके के लोगों में काफी नाराजगी है और वे इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और मुफ्त रखने की मांग कर रहे हैं. हालांकि, इस मामले में अभी तक जिला प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई या जांच शुरू होने की पुष्टि नहीं की गई है. प्रशासन की ओर से रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे मामले की सच्चाई साफ हो पाएगी.
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