झारखंड के गिरिडीह में निकाय चुनाव के लिए हुए मतदान के बाद दो गुटों के आपस में भिड़ने से बवाल मच गया. पहले दोनों गुटों में बहस शुरू हुई और देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि फायरिंग और पथराव भी होने लगा. इस हिंसा में दो युवक घायल हो गए. घायलों को पहले सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए बाहर रेफर किया गया. फिलहाल उनकी हालत स्थिर है. घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया. पुलिस और दंडाधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात पर काबू पाया. इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया, ताकि दोबारा कोई हिंसक घटना ना हो.
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क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, ये घटना नगर निगम इलाके के वार्ड 18 में हुई. मतदान खत्म होने के बाद कुछ लोगों के बीच आपसी कहासुनी शुरू हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई. इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव किया और फायरिंग होने लगी. अचानक हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे. कुछ समय के लिए मतदान केंद्र के आसपास का माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन बाद में हालात सामान्य हो गए. प्रशासन ने बताया कि घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग किसने की और हिंसा के पीछे कौन लोग शामिल थे. पुलिस ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने आम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. साथ ही ये भी कहा गया है कि चुनाव लोकतंत्र का पर्व है और इसे हिंसा या डर के माहौल में नहीं होने दिया जाएगा. प्रशासन ने साफ किया कि पूरे जिले में मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
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हिंदपीढ़ी में भी छिड़ा विवाद
राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी में मौजूद इदरीसीया तंजीम स्कूल में मतदान के दौरान दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हो गई. जानकारी के मुताबिक, एक गुट ने आरोप लगाया कि दूसरे गुट की ओर से एक महिला को फर्जी तरीके से वोट दिलाने की कोशिश की जा रही थी. इस बात को लेकर वहां मौजूद लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई. विरोध कर रहे लोगों और दूसरे गुट के समर्थकों के बीच तनाव बढ़ने पर मामला हाथापाई तक पहुंच गया. पुलिस ने वहां पहुंचकर दोनों गुटों को शांत करवाने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने. हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठी-डंडों का सहारा लेना पड़ा.
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