राजस्थान की राजधानी जयपुर में फूड सेफ्टी विभाग ने एक बड़े घोटाले का खुलासा किया है. कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने अमूल ब्रांड के लगभग 1.5 लाख किलो एक्सपायरी हो चुके फूड प्रॉडक्ट्स को नष्ट कर दिया. ये प्रॉडक्ट फिर से बाजार में बेचे जाने वाले थे. अधिकारियों के मुताबिक, एक स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर ने एक्सपायरी के करीब पहुंचे या एक्सपायर हो चुके उत्पाद सस्ते दाम में खरीदे थे. इसके बाद पैकेट पर छपी एक्सपायरी डेट मिटाकर नई तारीख छापने की योजना बनाई गई थी ताकि इन सामानों को दोबारा बाजार में बेचा जा सके.
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शिकायत के बाद हुई छापेमारी
ये पूरा मामला तब सामने आया जब सरकारी हेल्पलाइन 181 पर एक शिकायत दर्ज कराई गई. शिकायत मिलने के बाद फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने जयपुर के खो नागोरियन इलाके में मौजूद एक गोदाम पर छापा मारा. रेड के दौरान अधिकारियों को हजारों कार्टन में पैक बड़ी मात्रा में एक्सपायर फूड प्रॉडक्ट मिले. गोदाम से नूडल्स, केचप, मेयोनेज, एनर्जी ड्रिंक और बाकी नॉन-डेयरी फूड आइटम बरामद किए गए. इनमें से करीब 12 हजार कार्टन में एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी, जबकि लगभग 3 हजार कार्टन पर तारीख को मिटाने की कोशिश की गई थी.
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केमिकल से मिटाई जा रही थी तारीख
जांच के दौरान अधिकारियों को गोदाम से थिनर, एसीटोन और बाकी केमिकल भी मिले. इनका इस्तेमाल पैकेट पर छपी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट हटाने के लिए किया जा रहा था. इसके अलावा 4500 नए कार्टन भी मिले, जिनमें पुराना माल दोबारा पैक कर बाजार में भेजने का प्लान था. पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया. उसने बताया कि एक्सपायरी डेट बदलने का तरीका उसने यूट्यूब पर वीडियो देखकर सीखा था. अधिकारियों के मुताबिक ये एक संगठित तरीके से किया जा रहा अवैध कारोबार था.
चार दिन में नष्ट किया गया पूरा माल
इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायर सामान होने की वजह से इसे नष्ट करने में चार दिन का समय लगा. करीब 27 ट्रकों में भरकर इस सामान को डंपिंग यार्ड ले जाया गया और पूरी तरह नष्ट कर दिया गया ताकि ये बाजार में ना पहुंच सके. फिलहाल, फूड सेफ्टी विभाग ने गोदाम को सील कर दिया है और इससे जुड़ी फर्म को फिलहाल फूड बिजनेस करने से रोक दिया गया है. अधिकारियों ने कहा कि मामले में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक्सपायरी फूड प्रॉडक्ट्स का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. ऐसे में उपभोक्ताओं को भी खरीदारी करते समय पैकेट पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर जांचनी चाहिए.
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