Jabalpur: कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी सोमवार को जबलपुर पहुंचीं। जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया। इससे पहले प्रियंका ने ग्वारीघाट पर 101 ब्राह्मणों के साथ मां नर्मदा की आरती की। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले बार आपने हमारी सरकार बनाई थी, लेकिन भाजपा वालों ने धन-बल का उपयोग कर आपके जनादेश को कुचल दिया। उन्होंने नाम लिए बिना केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधते हुए कहा कि अफसोस की बात है कि हमारे कुछ नेता पैसों के लिए छोड़कर चले गए।

बीजेपी वालों ने महाकाल को भी नहीं छोड़ा

प्रियंका गांधी ने अपने भाषण की शुरूआत मां नर्मदा के जयकारे से की। उन्होंने कहा कि आपके साथ पिछले 18 साल से गलत हो रहा है। आपका इस्तेमाल हो रहा है। आपका शोषण हो रहा है। बीजेपी वालों ने महाकाल को भी नहीं छोड़ा। वहां हवा से मूर्तियां उखड़कर गिर गईं। 225 महीनों की सरकार में इन्होंने 220 घोटाले किए हैं। मैं आपसे यहां वोट मांगने नहीं आई हूं, मैं आपसे जागरूकता मांगने आई हूं। आपके पास 6 महीने हैं।

प्रियंका ने दी 5 गांरटियां

प्रियंका ने अपने भाषण के दौरान 5 गारंटी देते हुए कहा कि ये वो गांरटियां हैं जो हम 100 प्रतिशत पूरा करेंगे। ये घोषणा नहीं गांरटी हैं। यहीं वादे हमने कर्नाटक में किए थे और सरकार बनते ही पूरे कर दिये। हर महीने महिलाओं को 1500 रुपए दिए जाएंगे। गैस सिलेंडर 1000 का नहीं, 500 रुपए का मिलेगा। 100 यूनिट बिजली फ्री। 200 यूनिट हॉफ होगी। मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू करेंगे। कमलनाथ की सरकार ने किसान कर्जमाफी की थी। बचे हुए किसानों की कर्जमाफी का काम पूरा करेंगे।

मेरे परिवार के लोगों ने इस देश का खून दिया है- प्रियंका

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मेरे परिवार के सदस्यों ने इस देश को बनाने के लिए खून दिया है। मैं जानती हूं कि निर्माण में कितना संघर्ष लगता है। जानती हूं सत्ता भोगना कितना आसान है। जो मैं देख रही हूं, चाहती हूं आपको भी दिखे। प्रियंका ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र में 9 साल और मध्यप्रदेश में 18 साल हो गए इनको सत्ता में आए हुए। ये लोग आपकी जरूरतों को नकार रहे हैं। आपके जज्बातों को उकसाया जाता है। ये लोग आपके जज्बातों के साथ खेलकर आपसे वोट मांगते हैं। प्रियंका ने आगे कहा कि चुनाव के समय आपसे जो वादे किए जाते हैं। लेकिन जो वादा करता है उसकी खुद की आस्था उसमें नहीं होती है। उनको पूरा करने की कोशिश नहीं होती। हमारे नेता जो कहते थे वो करके दिखाते थे। अब जो घोषणाएं की जाती हैं उसे पूरा नहीं किया जाता।