हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

हिमाचल में मानसून को लेकर NHAI ने कसी कमर, भूस्खलन वाले रास्तों पर कर रही ऐसी तैयारी

Himachal Prasesh News: मानसून आते ही हिमाचल प्रदेश की सड़कों पर बारिश के कारण रुकावट पैदा हो जाती है, क्योंकि इस दौरान लैंडस्लाइड का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. हलांकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया इसको लेकर अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं.

विज्ञापन
AI Generated Image

मुख्य बिंदु

  • NHAI ने पूरे हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की तैयारियों को तेज कर दिया है.
  • डिटेल्ड सर्वे के जरिए हाईवे के जोखिम वाले हिस्सों की पहचान की गई है.
  • ढलान को स्थिर करने, रिटेनिंग वॉल बनाने और ड्रेनेज में सुधार का काम चल रहा है.
  • अहम जगहों पर आपातकालीन टीमें और मशीनरी तैनात की गई हैं.
  • यात्री 1033 हेल्पलाइन के जरिए हाईवे पर होने वाली इमरजेंसी की जानकारी दे सकते हैं.

NHAI Preparation For Himachal Highways: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की तैयारियों को तेज कर दिया है. इसके तहत बारिश के मौसम में नेशनल हाईवे को सुरक्षित और चालू रखने के लिए कई एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं. इस पहल का मकसद पहाड़ी राज्य में भारी बारिश, भूस्खलन और मौसम से जुड़ी अन्य चुनौतियों के कारण होने वाली रुकावटों को कम करना है.

खतरनाक इलाकों की पहचान

NHAI के मुताबिक, भूस्खलन, ढलान खिसकने, बाढ़ और मलबे के जमाव के जोखिम वाले इलाकों की पहचान करने के लिए विस्तार से जांच की गई है. इन आकलन के आधार पर, अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस लागू किए हैं.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें- मानसून के दौरान लैंडस्लाइड ने उत्तराखंड के 44 रास्तों को किया बंद, बद्रीनाथ हाइवे पर भी असर

जरूरी उपाय किए जा रहे

हाईवे अथॉरिटी ने बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए कई काम किए हैं, जिनमें ढलान को स्थिर करना, पहाड़ी की सुरक्षा के उपाय, रिटेनिंग वॉल, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और कटाव रोकने वाले ढांचे शामिल हैं. इन सुधारों का मकसद हाईवे को मॉनसून की तेज स्थितियों के असर से मजबूत बनाना और सड़क को नुकसान पहुंचने के जोखिम को कम करना है.

विज्ञापन

पिछले साल से लिया सबक

उन हिस्सों पर खास ध्यान दिया गया है जिन्हें पिछले मॉनसून सीजन में भारी नुकसान हुआ था. कम समय के सुरक्षा उपायों के साथ-साथ, NHAI हाईवे के जोखिम वाले हिस्सों को और मजबूत बनाने के लिए पुल और स्थायी सुरक्षा ढांचे जैसे लंबे समय के बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रहा है.

बेहतर नेटवर्क मेंटेन करने की कोशिश

हिमालयी क्षेत्र के मुश्किल इलाकों को देखते हुए, NHAI ने अपनी निगरानी प्रणाली और आपातकालीन प्रतिक्रिया नेटवर्क को बेहतर बनाया है. निर्माण उपकरण, आपातकालीन मशीनरी, तकनीकी विशेषज्ञ और फील्ड कर्मचारियों को अहम जगहों पर तैनात किया गया है ताकि भूस्खलन या भारी बारिश के कारण सड़क जाम होने पर उसे जल्दी से हटाया जा सके. अथॉरिटी जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और अन्य सरकारी निकायों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि आपातकालीन कार्यों में तालमेल बिठाया जा सके और रुकावट आने पर जल्द से जल्द ट्रैफिक बहाल किया जा सके.

विज्ञापन

ट्रेवलर्स के लिए अहम सलाह

NHAI ने यात्रियों को सलाह दी है कि वो भारी बारिश के दौरान सफर करते वक्त सावधानी बरतें और यात्रा शुरू करने से पहले आधिकारिक ट्रैफिक सलाह का पालन करें. वाहन चालकों से यह भी कहा गया है कि वो सड़क दुर्घटनाओं, भूस्खलन, हाईवे जाम होने या किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत नेशनल हाईवे हेल्पलाइन 1033 पर दें या तुरंत मदद के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें. इन सक्रिय उपायों से पूरे हिमाचल प्रदेश में मॉनसून सीजन के दौरान हाईवे सुरक्षा में सुधार और यात्रा में रुकावटें कम होने की उम्मीद है.

निष्कर्ष

मानसून के आने के साथ, NHAI ने हिमाचल प्रदेश में नेशनल हाईवे की सुरक्षा और भरोसेमंदता को बेहतर बनाने के लिए अहम कदम उठाए हैं. उम्मीद है कि बचाव वाले इंजीनियरिंग काम, लगातार निगरानी और इमरजेंसी के समय तालमेल बिठाकर की जाने वाली कार्रवाई से भूस्खलन और भारी बारिश के कारण होने वाली रुकावटें कम होंगी. यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वो मौसम के हाल के बारे में जानकारी रखें, सरकारी सलाह मानें और इमरजेंसी की तुरंत सूचना दें. ये उपाय मुश्किल मानसून के मौसम में सुरक्षित यात्रा और ट्रैफिक को तेजी से बहाल करने में मदद करेंगे.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola