हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति के जाहलमा नाले में आई बाढ़ ने एक शादी की रस्मों में खलल डाल दिया. दूल्हा-दुल्हन और बारातियों को लोहे के गार्डर से नाला पार करवाया गया. उदयपुर के हिंसा निवासी सुदर्शन राघव सोमवार तड़के बारातियों को लेकर कुल्लू की लगघाटी दुल्हन लेने निकले थे. शाम को ही दुल्हन को लेकर घर पहुंचना था. घर पर दुल्हन के स्वागत की पूरी तैयारियां थीं. रिश्तेदार भी बारात में शामिल होने के लिए आए थे. सोमवार दोपहर बाद जाहलमा नाले में बाढ़ आने की सूचना के बाद बारातियों को दुल्हन के घर ही रात्रि ठहराव करना पड़ा.

मंगलवार को दूल्हा सुदर्शन राघव, दुल्हन रीता को लेकर लाहौल स्थित अपने गांव हिंसा के लिए निकले. बारात जब जाहलमा नाले के पास पहुंची तो दूल्हा-दुल्हन और बारातियों ने गाड़ियों को नाले एक छोर पर छोड़ दिया. लोगों और बीआरओ की ओर से लगाए गए लोहे के गार्डर से बारात को निकलना पड़ा. इसके बाद दूल्हा और दुल्हन जाहलमा नाले से दूसरे छोर से हिंसा के लिए दूसरी गाड़ियों में रवाना हुए.

दूल्हे के रिश्तेदार सुरेंद्र ने बताया कि सोमवार को दुल्हन के घर आने पर जो शादी की रस्में होनी थीं उन्हें मंगलवार देर शाम को पूरा किया जा सका. जाहलमा नाले में बार-बार जलस्तर बढ़ रहा है. ऐसे में दो दिनों से वैकल्पिक मार्ग पर वाहनों की आवाजाही थम गई है.