हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पेश हिमाचल प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया गया. इस बिल के तहत पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 5 रुपये तक की वृद्धि का प्रावधान किया गया है, जिसे 'विधवा एवं अनाथ उपकर' नाम दिया गया है. राज्य सरकार का उद्देश्य इस अतिरिक्त राजस्व से विधवाओं और अनाथों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को मजबूत करना है.

किसे होगा महंगे पेट्रोल-डीजल का फायदा?


मुख्यमंत्री सुक्खू ने विधानसभा में कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वैट ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा पहली बार डीलर को बिक्री पर लगाया जाएगा, न कि हर लेन-देन पर. इससे प्राप्त होने वाली राशि सीधे विधवा-अनाथ कल्याण निधि में जमा होगी, जिससे जरूरतमंदों को सहायता प्रदान की जाएगी. वर्तमान में राज्य में इन वर्गों के लिए कई योजनाएं चल रही हैं, लेकिन स्थायी वित्तपोषण की कमी थी. अब यह व्यवस्था इसे दूर करेगी.

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100 रुपये के करीब पहुंच सकती है कीमत


20 मार्च 2026 को हमीरपुर क्षेत्र में पेट्रोल की कीमत औसतन 94.26 से 95 रुपये प्रति लीटर थी. उपकर लागू होने के बाद यह 100 रुपये के करीब पहुंच सकती है. डीजल पर भी समान प्रभाव पड़ेगा, जिससे परिवहन और अन्य क्षेत्र प्रभावित होंगे. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम राज्य की सामाजिक कल्याण प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

राज्यपाल के पास जाएगा बिल


हालांकि, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया. विधानसभा में भाजपा विधायकों ने तर्क दिया कि इससे हिमाचल में ईंधन महंगा हो जाएगा, जबकि पड़ोसी पंजाब और हरियाणा में सस्ता रहेगा. उन्होंने इसे जनविरोधी कर बताया और वापस लेने की मांग की. सदन में हंगामा हुआ, लेकिन कांग्रेस बहुमत के दम पर बिल पास हो गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल अब लोक भवन को प्रेषित किया जाएगा, जहां अंतिम मंजूरी मिलने पर पूरे राज्य में लागू हो जाएगा. यह कदम राज्य की आर्थिक चुनौतियों के बीच सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण है.