मुख्य बिंदु
- फरीदाबाद में अवैध चौथी मंजिल पर चलेगा हथौड़ा
- शहर की ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग लिया गया फैसला
- तोड़फोड़ शाखा को दिया कार्रवाई करने का आदेश
- लोकल बिल्डर्स अक्सर तोड़ते हैं ये नियम
- स्टिल्ट लेवल को आम रिहायशी फ्लोर नहीं माना जाता
Unauthorized Fourth Floor in Faridabad: अगर आप फरीदाबाद में रहते हैं यहां आपका 4 मंजिला मकान है, तो आपके लिए ये खबर काफी अहम है. अब बिना नक्शे बनी चौथी मंजिलों पर खतरा पैदा हो गया है, क्योंकि शहर ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग में हेल्थ मिनिस्टर ने तोड़फोड़ शाखा को आदेश दिया है कि उन बिल्डिंग पर कार्रवाई की जाए.
लगातार टूट रहे नियम
फरीदाबाद में ऐसी कई इमारत हैं जिन्हें बिना इजाजत लिए 4 मंजिल का बना दिया गया है, ये काम अभी भी बदस्तूर जारी है. इसी को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री और निगम आयुक्त ने एसडीओ को आदेश दिया कि ऐसी सभी बिल्डिंग की चौथे फ्लोर पर हथौड़ा चलाया जाए. अब देखना होगा कि इस आदेश की जद में कितनी प्रॉपर्टीज आती हैं.
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कई बार उठा है मामला
मेयर के समाधान शिविर में इस मुद्दे को कई बार उठाया जाता रहा है. बड़खल विधानसभा क्षेत्र और एनआइटी में बिना नक्शा पास कराए स्टिल्ट पार्किंग के साथ फोर्थ फ्लोर के कंस्ट्रक्शन का काम किया जा रहा है. इस कदम ने न सिर्फ नगर निगम कि नियम तोड़े जाते हैं, बल्कि आसपास की इमारतों पर भी खतरा पैदा हो जाता है
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क्यों होता है अवैध निर्माण?
स्थानीय बिल्डर्स अक्सर ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में नगर निगम के सभी नियमों को ताक पर रख देते हैं, और अवैध चौथी मंजिल को बनाकर इस कस्टमर को धोखे से बेच देते हैं, लेकिन बार में ग्राहकों को अभी जिंदगीभर की कमाई से खरीदे गए फ्लैट से हाथ धोना पड़ जाता है. पहले भी इसको लेकर प्रशासन ने कार्रवाई की है, लेकिन नियमों का उल्लंघन आज भी नहीं रुक रहा है.
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क्या है 'स्टिल्ट + 4 फ्लोर' पॉलिसी
हरियाणा में 'स्टिल्ट + 4 फ्लोर' (S+4) पॉलिसी एक बिल्डिंग नियम है जो रिहायशी इमारत में ये चीजें बनाने की इजाजत देती है. इसमें 1 स्टिल्ट फ्लोर (ग्राउंड लेवल, जो खास तौर से पार्किंग के लिए होता है)इसके ऊपर 4 रेसिडेंशियल फ्लोर. इसका मतलब है कि इमारत में कुल 5 लेवल होते हैं, लेकिन स्टिल्ट लेवल को आम रिहायशी फ्लोर नहीं माना जाता है.
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स्टिल्ट फ्लोर क्या है?
स्टिल्ट फ्लोर एक खुला ग्राउंड फ्लोर होता है जो कॉलम पर टिका होता है. इसे बिना मंजूरी के रिहायशी कमरों या कमर्शियल स्पेस में नहीं बदला जा सकता है ये खास तौर कई कामों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जैसे-
- गाड़ी पार्क करने के लिए.
- बिल्डिंग की सर्विस के लिए, जैसे यूटिलिटी रूम.
- एंट्री लॉबी और आने-जाने के रास्ते के लिए.
इस पॉलिसी की बड़ी बातें
स्टिल्ट पार्किंग लेवल के ऊपर 4 अलग-अलग फ्लोर पर फ्लैट बनाने की इजाजत देती है. इसका मकसद गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और दूसरी लाइसेंस्ड कॉलोनियों और HSVP सेक्टर जैसे शहरी इलाकों में हाउसिंग सप्लाई बढ़ाना है, जहां प्लानिंग के नियम इसकी इजाजत देते हैं. ये पॉलिसी हरियाणा बिल्डिंग कोड और लोकल प्लानिंग मंजूरी की शर्तों के अधीन है, जिसमें सड़क की चौड़ाई, सेटबैक, FAR (फ्लोर एरिया रेश्यो), पार्किंग और आग से सेफ्टी जरूरतों का पालन करना शामिल है.
ये पॉलिसी विवादित क्यों है?
कई रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने इस पॉलिसी का विरोध किया है, उनका तर्क है कि-
- पानी की सप्लाई, सीवरेज और बिजली का इंफ्रास्ट्रक्चर ज्यादा आबादी का बोझ नहीं उठा पाएगा.
- ज्यादा गाड़ियों के आने से पार्किंग की कमी हो सकती है.
- अंदर की संकरी सड़कों से इमरजेंसी सेवाओं के लिए पहुंचना मुश्किल हो सकता है.
- ट्रैफिक जाम और नागरिक सुविधाओं पर दबाव बढ़ सकता है.
निष्कर्ष
हरियाणा की स्टिल्ट+4 फ्लोर नीति का मकसद शहरी क्षेत्रों में आवासीय क्षमता बढ़ाना और जमीन का बेहतर उपयोग करना हैय हालांकि, इस नीति के साथ पार्किंग, ट्रैफिक, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर एक्सट्रा प्रेशर जैसी चैलेंजेज भी जुड़े हैं. इसलिए निर्माण कार्य स्थानीय नियमों, सेफ्टी स्टैंडर्ड्स और अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए ही किया जा सकता है. फरीदाबाद में इस नियम का लगातार उल्लंघन हो रहा है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने अवैध रूप से बनी चौथी मंजिलों को तोड़ने का आदेश दिया है.